पांच अवैध निर्माण टूटेंगे, आयुक्त कोर्ट में 45 केसों पर हुई चर्चा, तीन केस हुए ड्रॉप

By: Mar 30th, 2026 12:02 am

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
नगर निगम शिमला ने अवैध निर्माण पर सख्ती कर दी है। नगर निगम आयुक्त कोर्ट अब अवैध निर्माण साबित होते ही एक हफ्ते में अवैध निर्माण तोडऩे के आदेश जारी कर रहा है। नगर निगम के आयुक्त कोर्ट में इस हफ्ते 45 केस अवैध निर्माण के लाए गए थे। इसमें से 5 अवैध निर्माण को तोडऩे के आदेश आयुक्त कोर्ट ने जारी कर दिए हैं। इसमें मॉलरोड़, न्यू शिमला, छोटा शिमला, संजौली सहित शहर के अन्य क्षेत्र में अवैध निर्माण घोषित किए गए हैं। इसमें अधिकतर लोगों ने एटिक में बिना अनुमति के अतिरिक्त निर्माण किया है। इसके अलावा कई लोगों ने छत्त की ऊंचाई को भी बढ़ाया है। ऐसे में नगर निगम ने अवैध निर्माण करने वाले सभी लोगों को एक हफ्ते में अवैध निर्माण तोडऩे के आदेश जारी कर दिए हैं। यदि यह लोग स्वयं अवैध निर्माण तय समय पर नहीं तोड़ते तो नगर निगम की टीम स्वयं इस अवैध निर्माण को तोड़ेगी। इसमें जो भी खर्चा या नुकसान होगा उसकी भरपाई अवैध निर्माण करने वाला स्वयं भरेगा। इसको लेकर आयुक्त कोर्ट ने पहले ही सपष्ट कर दिया है।

हालांकि आयुक्त को में तीन केस ड्रोप हुए हैं और 37 केसों पर अब अलगे कोर्ट में फैसला लिया जाना है। नगर निगम का साफ कहना है कि यदि किसी ने भी अवैध निर्माण किया है वह स्वयं ही अवैध निर्माण तोड़ दे। वहीं अधिकारियों को भी आदेश जारी किए हैं कि अवैध निर्माण की जहां से भी शिकायत मिलती है वहां पर मौके का निरीक्षण करें और अवैध निर्माण पाये जाने पर उसे तुरंत तोड़ा जाए। हालांकि इसमें पहले भवन मालिक को ही अवैध निर्माण तोडऩे को नोटिस दिया जाएगा और यदि तय समय पर वह नहीं तोड़ता है तो नगर निगम की टीम स्वयं उस अवैध निर्माण को तोड़े। आयुक्त कोर्ट का साफ कहना है कि शहर में अवैध निर्माण पर पूर्णत रोक लगाई जाएगी। यह शहर की व्यवस्था को बनाए रखेगा। व्यस्था बहुत जरूरी हैं।

2016 से अभी तक के सभी मामलों पर हो रही सुनवाई
नगर निगम शिमला शहर के सभी पुराने और नये अवैध निर्माण के मामलों को खत्म कर रहा है। इसके लिए 2016 से लेकर अभी तक के सभी अवैध निर्माण के मामलों को कोर्ट में लाया जा रहा है। लगातार इन मामलों पर सुनवाई भी हो रही है। आयुक्त कोर्ट का साफ कहना है कि पुराने मामलों को प्राथमिकता से खत्म किया जाएगा क्योंकि इसमें कई लोगों ने पहले तो एटिक बढ़ा दिया था और अब एटिक पर भी मंजिल का निर्माण करना शुरू कर दिया है। ऐसे में नगर निगम का साफ कहना है कि अवैध निर्माण को रोकने के लिए पहले पुराने मामलों को खत्म किया जाएगा।

एटिक और बेसमेंट के लिए नगर निगम दे रहा अनुमति
नगर निगम प्रशासन का कहना है कि एटिक और बसेमेंट खोलने को लेकर नगर निगम अनुमति दे रहा है। इसके अलावा भवन का नक्शा पास होना चाहिए और जो नियम बनें है उनके अनुसार ही अनुमति प्रदान की जा रही है। ऐसे में बिना अनुमति के जो भी निर्माण कार्य कर रहा है उस पर कार्रवाई लगातार हो रही है। वहीं इसके लिए अवैध निर्माण करने वालों पर जुर्माना भी लगाया जा रहा है। वहीं नगर निगम शिमला का कहना है कि अवैध निर्माण करने वाले बेसमेंट पर सिर्फ पार्किंग बना सकता है और इसके अलावा एटिक की बात करें तो वहां पर जो अनुमति दी होगी उसी के हिसाब से निर्माण किया जाएगा। अतिरिक्त निर्माण अवैध निर्माण ही माना जाएगा।

37 मामलों का बाद में होगा फैसला
नगर निगम शिमला के एपी राजेश शर्मा ने बताया कि नगर निगम आयुक्त कोर्ट लगातार अवैध निर्माण पर सुनवाई कर रहा है। इस हफ्ते हुए कोर्ट में 45 केस लाए गए थे। इसमें पांच अवैध निर्माण को तोडऩे के आदेश जारी किए हैं। वहीं तीन केसों को ड्रोप किया गया है। निगम शिमला के एपी राजेश शर्मा ने कहा कि इसके अलावा जो 37 केस बचते हैं उन्हें अगले कोर्ट में फिर से लाया जाएगा।


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