चौकीदार-कुक को ट्रेनिंग देगा वन विभाग
ईको टूरिज्म के तहत संचालित रेस्ट हाउस में बेहतर सुविधा और खातिरदारी के लिए विशेष पहल
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
प्रदेश में ईको टूरिज्म के तहत संचालित किए जा रहे विश्राम गृहों में पर्यटकों की बेहतरीन मेजबानी के लिए बड़ी पहल की जा रही है। इसके लिए विश्राम गृहों में तैनात चौकीदार-कुक को नामी होटल मैनेजमेंट संस्थान मेजबानी के लिए तैयार करेगा। ऑनलाइन प्रशिक्षण के जरिए इन्हें कैटरिंग और हॉस्पिटेलिटी के गुर सिखाएं जाएंगे। बड़ी बात यह है कि इन रेस्ट हाउस में सेवाएं प्रदान करने वाले स्वयं सहायता समूहों समेत महिला व युवक मंडल सदस्यों को भी इस विशेष टे्रनिंग की व्यवस्था वन विभाग ने की है। जानकारी के अनुसार प्रदेश में वन विभाग के 120 से अधिक वन विश्राम गृहों को इको टूरिज्म के तहत संचालित किया जा रहा है। इनमें से 24 रेस्ट हाउस में सेवाओं को आउटसोर्स पर विभाग ने देने का फैसला लिया था।
विभाग ने 13 विश्राम गृहों में विभिन्न सेवाओं का जिम्मा स्थानीय समुदायों और अन्यों को सौंप भी दिया है, जबकि अन्यों की प्रक्रिया विभाग की ओर से चलाई गई है। उधर, इन वन विश्राम गृहों में आने वाले पर्यटकों को बेहतर सेवाओं प्रदान करने के लिए विभाग ने इको टूरिज्म में शामिल रेस्ट हाउस में तैनात चौकीदार और कुक समेत स्थानीय लोगों को कैटरिंग और हास्पिटेलिटी की ट्रेनिंग देने का निर्णय लिया है। पहली कड़ी में 150 लोगों को विशेष टे्रनिंग दी जाएगी।
प्रशिक्षण के लिए बालाजी फाउंडेशन करेगी मदद
वन विभाग की प्रशिक्षण के लिए बालाजी फाउंडेशन मदद कर रहा है और ऑनलाइन माध्यम से ट्रेनिंग संस्था की ओर से प्रदान की जाएगी। फाउंडेशन के अधीन ही प्रेसिडेंसी कॉलेज ऑफ होटल मैनेजमेंट का संचालन भी किया जा रहा है। लिहाजा विभाग के चौकीदार और कुक के अलावा स्थानीय लोगों को भी पर्यटकों की मेजबानी को लेकर संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा। उधर, सीईओ कम सीसीएफ इको टूरिज्म के तिरुमल ने खबर की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इको टूरिज्म के तहत संचालित किए जा रहे वन विश्राम गृहों में तैनात चौकीदार -कुक समेत स्वयं सहायता समूहों तथा युवक व महिला मंडलों के सदस्यों को प्रशिक्षण देने का फैसला लिया है।
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