वीबी-जी-राम जी में 60 दिन की ब्रेक, कृषि सीजन के लिए अधिसूचना, बंद रहेंगे ग्रामीण रोजगार कार्य
जनजातीय और गैर-जनजातीय क्षेत्रों के लिए अलग-अलग अवधि तय
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार के ग्रामीण विकास विभाग ने विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए राज्य में पीक एग्रीकल्चर सीजन अधिसूचित कर दिया है। इस अवधि के दौरान मिशन के तहत कोई भी रोजगार संबंधी कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि खेती-बाड़ी के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध रह सकें। ग्रामीण विकास विभाग के सचिव सी. पॉलरासु द्वारा इस बारे में आदेश जारी किए गए हैं। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से जारी की गई अधिसूचना के अनुसार, केंद्र सरकार ने 11 मई 2026 को अधिसूचना जारी कर 1 जुलाई 2026 से विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 को पूरे देश में लागू कर दिया है। इसके साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा), 2005 तथा उसके तहत जारी सभी नियम, योजनाएं, अधिसूचनाएं और दिशा-निर्देश समाप्त हो गए हैं।
अधिनियम की धारा-6 के तहत राज्य सरकार को प्रत्येक वित्तीय वर्ष में कुल 60 दिनों की अवधि को पीक एग्रीकल्चर सीजन घोषित करना अनिवार्य है। इस अवधि में मिशन के तहत कोई भी कार्य नहीं कराया जाएगा, ताकि किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध हो सकें। जनजातीय क्षेत्रों जिसमें सरकार ने किन्नौर, लाहौल-स्पीति तथा चंबा जिले के भरमौर और पांगी विकासखंड के लिए 60 दिनों की अवधि तीन चरणों में निर्धारित की है। इसके तहत 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 (15 दिन), 16 जून से 30 जून 2026 (15 दिन) तथा 1 जनवरी से 30 जनवरी 2027 (30 दिन) तक मिशन के तहत कोई कार्य नहीं होगा। इसके अलावा गैर-जनजातीय जिलों के लिए अलग अवधि होगी, जिसमें बिलासपुर, चंबा (भरमौर और पांगी को छोडकऱ), हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी, शिमला, सिरमौर, सोलन और ऊना जिलों के लिए कुल 60 दिनों का पीक कृषि सीजन पांच चरणों में निर्धारित किया गया है। इसमें 16 अप्रैल से 30 अप्रैल 2026 (15 दिन), 16 जून से 30 जून 2026 (15 दिन), 17 अक्टूबर से 27 अक्टूबर 2026 (11 दिन), 7 नवंबर से 15 नवंबर 2026 (9 दिन) तथा 21 जनवरी से 30 जनवरी 2027 (10 दिन) तक मिशन के तहत रोजगार कार्य बंद रहेंगे।
विभाग की ओर से अधिसूचना में स्पष्ट किया है कि यदि स्थानीय कृषि आवश्यकताओं, मौसम, फसल चक्र या अन्य परिस्थितियों को देखते हुए जरूरत महसूस हुई तो ग्रामीण विकास विभाग संबंधित पक्षों से परामर्श कर पीक एग्रीकल्चर सीजन की अवधि में संशोधन, पुनरीक्षण या नई अधिसूचना जारी कर सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को बुवाई, रोपाई और फसल कटाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्यों के दौरान पर्याप्त श्रमिक उपलब्ध कराना है, ताकि कृषि उत्पादन प्रभावित न हो और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल सके।
—-अमन वर्मा
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