सुप्रीम कोर्ट के राज्यों को निर्देश, लापता लोगों के मामले में तुरंत करें एफआईआर, चाहे उम्र कुछ भी हो

By: Aug 12th, 2026 12:01 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को साफ किया है कि लापता लोगों के मामले में उम्र या लिंग की परवाह किए बिना तुरंत एफआईआर दर्ज करनी होगी। कोर्ट ने कहा कि उसके पहले के आदेश में व्यक्ति का मतलब हर व्यक्ति है, इसमें बच्चे और वयस्क दोनों शामिल हैं। जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और आर महादेवन की पीठ ने कहा कि यह जानकर हैरानी हुई कि कुछ राज्यों को लगा कि आदेश सिर्फ बच्चों के लिए है। कोर्ट ने इसे राज्यों की ओर से उठाया गया जानबूझकर और दुर्भावनापूर्ण बहाना बताया। कोर्ट ने कहा कि अगर कोई राज्य या केंद्रशासित प्रदेश उसके आदेश का पालन नहीं करता है, तो संबंधित मुख्य सचिव और डीजीपी के खिलाफ अवमानना का नोटिस जारी किया जाएगा।

उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश होकर जवाब देना होगा कि उनके खिलाफ अवमानना की कार्रवाई क्यों न की जाए। मामले की अगली सुनवाई पांच अक्तूबर को होगी। इससे पहले 22 मई को सुप्रीम कोर्ट ने देशभर की पुलिस को निर्देश दिया था कि किसी भी व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिलते ही बिना प्रारंभिक जांच के एफआईआर दर्ज की जाए। कोर्ट ने यह निर्देश तब दिया था, जब देश में करीब 47 हजार बच्चे अब भी लापता बताए गए थे।


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