दवा से ज्यादा देशी इलाज पर भरोसा, आयुर्वेदिक अस्पतालों में बढ़ी भीड़
पंचकर्म ने बढ़ाया भरोसा; पांच साल में सवा लाख बढ़े मरीज, आयुर्वेदिक उपचार के लिए बढ़ाई गई है चिकित्सकों की संख्या
स्टाफ रिपोर्टर – हमीरपुर
जिला के आयुर्वेदिक अस्पतालों में आयुर्वेदिक उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों का आंकड़ा साल दर साल बढ़ रहा है। पिछले पांच सालों में लगभग हर साल ओपीडी के आंकेड़े में बढ़ौतरी हुई है, जिससे साफ लगता है कि अयुर्वेदिक उपचार की तरफ लोगों को रूझान बढ़ा है। जिला आयुर्वेदिक अस्पताल में जहां ओपीडी में मरीजों को इलाज की बेहतर सुविधा मिल रही है तो वहीं पंचकर्म की सुविधा भी अस्पताल के भीतर उपलब्ध करवाई गई है। जिला के अन्य आयुर्वेदिक चिकित्सालय में मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं। ऐसे में मरीज पंचकर्म पद्धति से भी उपचार ले रहे हैं। कई असाध्य रोगों को उपचार आयुर्वेद के माध्यम से संभव है तथा पंचकर्म में भी कई जटिल रोगों का उपचार किया जाता है। आधुनिक जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों और कोरोना महामारी के बाद स्वास्थ्य के प्रति लोगों की जागरूकता में बढ़ौतरी हुई है। जिले के लोगों का भरोसा आयुर्वेद पर लगातार मजबूत हुआ है। वर्ष 2020 से 2025 के बीच जिले के आयुर्वेदिक संस्थानों में ओपीडी में 115,730 का इजाफा हुआ है।
लोग अब केवल उपचार ही नहीं, बल्कि रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने और प्राकृतिक जीवनशैली अपनाने के लिए भी आयुर्वेद को प्राथमिकता दे रहे हैं। वर्ष 2020 में जिले के आयुर्वेदिक संस्थानों में 2,19,717 मरीजों ने उपचार लिया। वर्ष 2021 में यह संख्या बढक़र 2,26,609 हो गई। 2022 में ओपीडी में बढ़ोतरी दर्ज करते हुए मरीजों की संख्या 3,01,750 तक पहुंच गई। वर्ष 2023 में यह आंकड़ा 3,61,265 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा, जो पिछले छह वर्षों में सबसे अधिक रहा। इसके बाद 2024 में 3,39,343 और 2025 में 3,35,447 मरीजों ने आयुर्वेदिक संस्थानों की सेवाएं लीं। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 1,66,829 मरीज उपचार के लिए पहुंच चुके हैं तथा आंकड़ा दिन प्रतिदिन बढ़ता जाएगा। जिले में वर्तमान समय में करीब 78 आयुर्वेदिक संस्थान स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। इनमें आयुर्वेदिक अस्पताल और स्वास्थ्य केंद्र शामिल हैं। आयुष विभाग भी आयुर्वेदिक सेवाओं के विस्तार, आधुनिक सुविधाओं के विकास और संस्थानों को सुदृढ़ बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है।
साइडइफेक्ट रहित है आयुर्वेदिक पद्धति
आयुर्वेदिक उपचार को प्रभावी और साइड इफेक्ट रहित मानते हुए बड़ी संख्या में लोग इस पद्धति को अपना रहे हैं। स्थानीय लोगों में विजय, मनोज कुमार, विक्रम सिंह, उमा देवी आदि ने बताया कि पूर्व में अंग्रेजी मेडिसिन से उपचार करवाने के लिए लोग उत्सुक होते थे, लेकिन वर्तमान समय में लोग आयुर्वेद की ओर जा रहे हैं।
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की प्रयोगशाला पर ताला
जिला आयुर्वेदिक अस्पताल की प्रयोगशाला पर पिछले डेढ़ साल से अधिक समय से ताला लटका हुआ है। इस वजह से मरीजों को यहां पर टेस्ट की सुविधा नहीं मिल रही। यदि प्रयोशाला की सुविधा सुचारू होती है तो ओपीडी में और इजाफा हो जाएगा।
Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also, Download our Android App or iOS App
