5 विकास खंडों के 750 किसानों को दिया प्राकृतिक खेती पर प्रशिक्षण

By: Aug 18th, 2026 12:01 am

वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को खेती स्तर पर प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए दिया व्यावहारिक प्रशिक्षण

निजी संवाददाता-सोलन
डा. यशवंत सिंह परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी के अंतर्गत कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन द्वारा जिले के पांचों विकास खंडों के कुल 750 किसानों को पांच अलग-अलग प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से प्राकृतिक खेती के बारे में प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य किसानों को प्राकृतिक खेती की वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक तकनीकों से अवगत करवाना तथा उन्हें टिकाऊ एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित करना था।प्रशिक्षण के दौरान किसानों को प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों, देसी गाय आधारित कृषि पद्धतियों, जीवामृत, घनजीवामृत, बीजामृत, प्राकृतिक कीट प्रबंधन तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई।

किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाकर कृषि लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने तथा गुणवत्तापूर्ण एवं सुरक्षित कृषि उत्पाद तैयार करने के लिए प्रेरित किया गया। केंद्र के वैज्ञानिकों द्वारा किसानों को प्राकृतिक खेती की तकनीकों को खेत स्तर पर प्रभावी ढंग से अपनाने के लिए व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं तकनीकी मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन की प्रभारी डा. सीमा ठाकुर ने किसानों से आग्रह किया कि वे प्राकृतिक खेती को केवल एक कृषि पद्धति के रूप में न अपनाकर इसे एक जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि किसान प्राकृतिक खेती से संबंधित वैज्ञानिक एवं व्यावहारिक जानकारी को अधिक से अधिक किसानों तक पहुंचाएं, ताकि जिले के प्रत्येक किसान को इसके लाभों की जानकारी मिल सके और अधिक से अधिक किसान प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित हों। इन प्रशिक्षणों के दौरान डा. राजेश ठाकुर ने फूलों में प्राकृतिक खेती की विभिन्न तकनीकों के बारे में किसानों को जानकारी प्रदान की। डा. किरण ठाकुर ने प्राकृतिक विधि से फलदार फसलों के उत्पादन एवं प्रबंधन के बारे में विस्तारपूर्वक बताया। वहीं, डा. दीपिका शर्मा ने सब्जियों, फलों तथा फूलों में लगने वाले विभिन्न कीटों की पहचान एवं प्राकृतिक विधियों द्वारा उनके प्रभावी प्रबंधन और नियंत्रण के बारे में किसानों को जानकारी दी।यह प्रशिक्षण कार्यक्रम कृषि विज्ञान केंद्र, सोलन द्वारा आत्मा विभाग, सोलन के सहयोग से आयोजित किया गया। दोनों विभागों के इस संयुक्त प्रयास ने यह भी सिद्ध किया कि विभिन्न विभागों के आपसी समन्वय एवं सहयोग से किसानों के हित में अधिक प्रभावी, उपयोगी एवं व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं। विभागों के सामूहिक प्रयासों से वैज्ञानिक कृषि तकनीकों एवं नवीनतम जानकारी को किसानों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने के साथ-साथ प्राकृतिक खेती को व्यापक स्तर पर बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App