डिजिटल दौर में किताबों की ओर लौटेंगे बच्चे
‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ से चंबा में पठन अभियान का आगाज; किताबों से जुड़ेगा नाता, बच्चों में बढ़ेगी पढऩे की आदत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-चंबा
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) सरू में मंगलवार को ‘मेरे शब्द, मेरी कहानी’ थीम पर आधारित पठन अभियान का शुभारंभ किया गया। राज्य परियोजना निदेशक समग्र शिक्षा, हिमाचल प्रदेश के निर्देशों के तहत यह अभियान जिले के विद्यालयों में 15 अगस्त से 8 सितंबर तक आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य बच्चों में पढऩे की आदत, रचनात्मक अभिव्यक्ति, चिंतन और पुस्तकों के प्रति रुचि विकसित करना है। कार्यक्रम में जिला परियोजना अधिकारी समग्र शिक्षा चंबा एवं जिला उप शिक्षा निदेशक उपमा शर्मा तथा डाइट चंबा की प्रधानाचार्य नम्रता शर्मा मौजूद रहीं। इस दौरान प्रशिक्षकों को अभियान के उद्देश्यों, पुस्तकालय के महत्व और पुस्तकों के अधिकाधिक उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। उपमा शर्मा ने कहा कि पुस्तकालय केवल पुस्तकों का संग्रह नहीं, बल्कि ज्ञान, कल्पना, चिंतन और व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण केंद्र है।
उन्होंने शिक्षकों और प्रशिक्षकों से पठन अभियान को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। उन्होंने डिजिटल माध्यमों के बढ़ते प्रभाव के बीच पुस्तक पढऩे की संस्कृति को पुनर्जीवित करने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही बच्चों में पत्र-लेखन की परंपरा को प्रोत्साहित करने का सुझाव दिया, ताकि वे अपने विचारों और भावनाओं को बेहतर ढंग से व्यक्त करना सीख सकें। डाइट प्रधानाचार्य नम्रता शर्मा ने प्रशिक्षुओं और शिक्षकों से पाठ्य-पुस्तकों के साथ पुस्तकालय की पुस्तकों का भी नियमित अध्ययन करने का आग्रह किया। लाइब्रेरी को-ऑर्डिनेटर एवं डाइट प्रवक्ता डॉ. राशि जंदरोटिया ने अभियान की कार्ययोजना की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में पठन अभियान को सात प्रमुख चरणों में संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रशिक्षकों को उनकी रुचि के अनुसार पुस्तकें जारी की गईं तथा पढ़ी गई पुस्तकों पर अनुभव साझा करने और चिंतन के लिए प्रेरित किया गया। डाइट प्रवक्ता डॉ. कविता बिजलवान ने पुस्तकालय के नियमों, उद्देश्यों और शैक्षणिक महत्व पर प्रकाश डाला।
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