टैक्सी ऑपरेटरों का अनशन खत्म, नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर तुड़वाई हड़ताल
कार्यालय संवाददाता—शिमला
राजधानी शिमला के चौड़ा मैदान में परमिट अवधि बढ़ाने की मांग को लेकर कई दिनों से चल रहा टैक्सी ऑपरेटरों का आंदोलन शुक्रवार को समाप्त हो गया। पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने धरना स्थल पर पहुंचकर आमरण अनशन पर बैठे टैक्सी ऑपरेटरों से बातचीत की और उनकी मांगों को सुना। ऑप्रेटरों की समस्याओं और मांगों पर हरसंभव पैरवी का आश्वासन देने के बाद जयराम ठाकुर ने जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया। इस दौरान जयराम ठाकुर ने टैक्सी ऑप्रेटरों को आश्वासन दिया कि यह मामला केंद्रीय मंत्री नितिन गडक़री के समक्ष मजबूती के साथ उठाया जाएगा। हालांकि इससे पहले जयराम ठाकुर ने नितिन गडकऱी के साथ बीती शाम टेलीफोन पर बात भी हुई है।
नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि हिमाचल से जो भी फाइल उनके टेबल पर आएगी उसे एक घंटे के भीतर उचित निर्णय किया जाएगा। जयराम ठाकुर से चर्चा के बाद टैक्सी ऑपरेटरों ने भी अपना आंदोलन खत्म करने पर सहमति जताई। टैक्सी मैक्सी ऑपरेटर एसोसिएशन मनाली के अध्यक्ष अभी ठाकुर ने बताया कि टैक्सी ऑपरेटरों की सबसे प्रमुख मांग व्यावसायिक वाहनों के परमिट की अवधि को 12 साल से बढ़ाकर 15 साल करना है। उन्होंने कहा कि पहाड़ो पर चलने वाले अधिकांश वाहन 12 साल की अवधि पूरी होने के बाद भी पूरी तरह फिट होते हैं और किलोमीटर वाईज भी यह ज्यादा चले नहीं होते हैं। लेकिन मौजूदा नियमों के चलते उन्हें सडक़ पर चलाने की अनुमति नहीं मिलती। इससे वाहन मालिकों के सामने लाखों रुपये के निवेश के बाद रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाता है।
ऑपरेटरों की मांग है कि वाहन की उम्र के बजाय उसकी फिटनेस को आधार बनाकर संचालन की अनुमति दी जाए। जयराम ठाकुर ने कहा कि टैक्सी ऑपरेटरों की मांग को उन्होंने विधानसभा के मॉनसून सत्र में सरकार के समक्ष उठाया है। उन्होंने कहा कि यह केवल टैक्सी ऑपरेटरों के कारोबार से जुड़ा विषय नहीं है, बल्कि इससे हजारों परिवारों की आजीविका जुड़ी हुई है। सरकार को ऑपरेटरों की व्यवहारिक दिक्कतों को समझते हुए इस मामले में सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए। उन्होंने आश्वासन दिया कि परमिट अवधि और व्यावसायिक वाहनों से जुड़े नियमों में राहत के इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष भी उठाया जाएगा, ताकि हिमाचल के वाहन मालिकों को राहत मिल सके। वहीं ऑपरेटरों ने कहा कि पहाड़ी राज्य में वाहन मालिकों के लिए नया वाहन खरीदना आसान नहीं है। ऐसे में यदि पुराना वाहन फिटनेस मानकों पर खरा उतरता है तो उसे केवल परमिट अवधि पूरी होने के आधार पर सडक़ से हटाना व्यावहारिक नहीं है। उन्होंने सरकार से नियमों में आवश्यक संशोधन कर राहत देने की मांग की।
बस-ट्रक समेत अन्य वाहनों के नियम बदलने की मांग
टैक्सी ऑपरेटरों ने टैक्सी परमिट की अवधि बढ़ाने की मांग के साथ हिमाचल प्रदेश में बस, ट्रक, ऑटो, मालवाहक और अन्य व्यावसायिक वाहनों के परमिट से संबंधित मौजूदा नियमों में बदलाव की भी मांग उठाई। उनका कहना है कि अन्य राज्यों में व्यावसायिक वाहनों को निर्धारित अवधि के बाद भी फिटनेस के आधार पर संचालन की अनुमति दी जाती है। हिमाचल में भी इसी तरह की व्यवस्था लागू की जानी चाहिए।
बातचीत के बाद आंदोलन खत्म
चौड़ा मैदान में जयराम ठाकुर के पहुंचने के बाद टैक्सी ऑपरेटरों और उनके बीच मांगों को लेकर विस्तार से बातचीत हुई। ऑपरेटरों ने अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं। जयराम ठाकुर ने मांगों को सरकार और केंद्र के समक्ष उठाने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आमरण अनशन पर बैठे ऑपरेटरों को जूस पिलाकर आंदोलन समाप्त करवाया गया। ऑपरेटरों ने भी आश्वासन के बाद आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की।
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