किसानों की आय बढ़ाने की तैयारी, मक्की और गेहूं का तय होगा न्यूनतम समर्थन मूल्य
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश की खुशहाली में किसानों की महत्वपूर्ण भूमिका है। किसानों की मेहनत से खेत लहलहाते हैं और गांवों की अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य मिले और खेती उनके लिए आय का मजबूत साधन बने। इसी दिशा में सरकार प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के साथ किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम उपलब्ध करवाने के लिए कई कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार मक्की और गेहूं की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय कर रही है। इसके तहत मक्की के लिए 50 रुपए और गेहूं के लिए 80 रुपए न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य किसानों को उनकी मेहनत का बेहतर आर्थिक लाभ पहुंचाना है, ताकि उन्हें अपनी फसल बेचने के दौरान उचित मूल्य मिल सके और खेती से होने वाली आमदनी में बढ़ोतरी हो।
उन्होंने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए केवल फसलों के दाम बढ़ाना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि खेती की लागत कम करना भी जरूरी है। इसी सोच के साथ प्रदेश में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। प्राकृतिक खेती से किसानों को खेती की लागत कम करने और जमीन की उर्वरता बनाए रखने में मदद मिल सकती है। सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही है, ताकि कृषि को अधिक टिकाऊ और लाभकारी बनाया जा सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाने और उनका प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के लिए राज्य किसान आयोग का गठन किया गया है। आयोग किसानों से जुड़े मुद्दों, उनकी समस्याओं और सुझावों पर सरकार को आवश्यक सुझाव देगा। इससे कृषि क्षेत्र से जुड़े फैसलों में किसानों की भागीदारी और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करना है। किसानों के हाथों में सीधे पैसा पहुंचाने से उनकी क्रय शक्ति बढ़ती है और इसका सीधा लाभ गांवों की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलता है। जब किसान परिवारों की आय बढ़ती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में बाजार, छोटे कारोबार और अन्य आर्थिक गतिविधियां भी बढ़ती हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बड़ी आबादी गांवों में रहती है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार खेती और पशुपालन जैसे क्षेत्र हैं। ऐसे में किसानों की आमदनी बढ़ाना पूरे ग्रामीण क्षेत्र की आर्थिक स्थिति सुधारने का महत्वपूर्ण माध्यम है। सरकार किसानों को बेहतर मूल्य, प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहन और आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाकर कृषि क्षेत्र को मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसान हितैषी नीतियों के माध्यम से यह सुनिश्चित करना चाहती है कि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिले और उन्हें खेती छोडक़र दूसरे क्षेत्रों में जाने के लिए मजबूर न होना पड़े। किसानों की आय में वृद्धि से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी और प्रदेश के गांव आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान और गांव को विकास की धुरी मानकर काम कर रही है। किसानों की मेहनत का उचित सम्मान और उनकी आय में बढ़ोतरी सरकार की प्राथमिकता है। कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए आने वाले समय में भी किसानों के हित में आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
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