गेमिंग प्लेटफॉर्म के जरिए बच्चों और युवाओं को निशाना बना रहे आतंकी, UN रिपोर्ट में खुलासा

By: Sep 13th, 2026 5:46 pm

न्यूयॉर्क। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आतंकवाद विरोधी समिति कार्यकारी निदेशालय की एक नवीनतम ट्रेंड्स रिपोर्ट से खुलासा हुआ है कि आतंकवादी समूह अब युवाओं और बच्चों को निशाना बनाने के लिए गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, वीभत्स हिंसक कंटेंट और नकारवादी ऑनलाइन उप संस्कृति का सहारा ले रहे हैं। “बियॉन्ड मैसेजिंग: टेररिस्ट प्रोपेगैंडा ऐज ऑपरेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर” शीर्षक वाली इस रिपोर्ट में बताया गया है कि आतंकी संगठन भर्ती, कट्टरपंथ फैलाने, फंडिंग जुटाने, परिचालन योजना और यहां तक कि अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में शासन संबंधी गतिविधियों को मजबूत करने के लिए दुष्प्रचार का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार इस दुष्प्रचार का उपयोग केवल संचार माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि अपने अभियानों के प्रमुख बुनियादी ढांचे के रूप में कर रहे हैं।

रिपोर्ट में कहा गया है कि आतंकवादी युवा पीढ़ी को प्रभावित करने के लिए गेमिंग प्लेटफॉर्म्स, के अलावा, ऑनलाइन इकोसिस्टम में हिंसक चरमपंथी विचारधाराओं का बढ़ता तालमेल और तकनीक-आधारित लैंगिक हिंसा और महिला-विरोधी ऑनलाइन मंचों का उपयोग भी चिंता का विषय बना हुआ है। विशेष रूप से अफ्रीका, मध्य और दक्षिण एशिया में सक्रिय आतंकी समूह स्थानीय शिकायतों को भुनाने, अपनी वैधता साबित करने और धन जुटाने के लिए दुष्प्रचार का व्यापक उपयोग कर रहे हैं।

निदेशालय ने चेतावनी दी है कि आतंकी गुटों के तेजी से बदलने के तरीकों और सदस्य देशों, कानूनी ढांचों तथा डिजिटल प्लेटफॉर्मों की प्रतिक्रियात्मक क्षमता के बीच एक बड़ा ‘अंतर’ पैदा हो गया है। रिपोर्ट में जोर दिया गया है कि आतंकवाद रोधी उपायों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार कानूनों के दायरे में रहते हुए, दुष्प्रचार को केवल एक सामग्री न मानकर आतंकवाद के मुख्य संचालक के रूप में निपटना होगा।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App