ऊना में गूंजी डिफेंस अकादमी की सफलता की कहानी

By: Sep 16th, 2026 12:01 am

डाक्टर अनुपमा मनकोटिया बोलीं; सोच और आदतें तय करती हैं भविष्य, युवाओं में नई ऊर्जा भरने के लिए सजी विशेष कार्यशाला

दिव्य हिमाचल ब्यूरो – ऊना
सफलता और असफलता के बीच व्यक्ति की इच्छाशक्ति और दृढ़ संकल्प की अहम भूमिका होती है। यदि मन में किसी लक्ष्य को हासिल करने की प्रबल इच्छा हो और उसके लिए लगातार प्रयास किए जाएं तो विपरीत परिस्थितियों में भी सफलता का रास्ता निकाला जा सकता है। यह बात हिमाचल प्रदेश अकादमी फॉर डिफेंस सर्विसेज एवं जन कल्याण समिति ऊना में आयोजित कार्यशाला में निदेशक अनुसंधान एवं विकास डा. अनुपमा मनकोटिया ने कही। डॉ. अनुपमा मनकोटिया ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्ति की सफलता उसकी आदतों, सोच और इच्छाशक्ति पर निर्भर करती है।

अच्छी आदतों का निर्माण करने के लिए दृढ़ इच्छाशक्ति जरूरी है। जब व्यक्ति किसी कार्य को पूरा करने का पक्का संकल्प लेता है और लगातार प्रयास करता है तो सफलता की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि मजबूत इच्छाशक्ति व्यक्ति के भीतर नई ऊर्जा पैदा करती है और यही ऊर्जा उसके निर्माण की कुंजी बनती है। डा. मनकोटिया ने कहा कि युवा यदि शारीरिक, मानसिक और बौद्धिक विकास की दिशा में आगे बढ़ें तथा अपने लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प लें तो उनके विकास को कोई नहीं रोक सकता। अकादमी की स्थापना मार्च 2002 में ऊना में हुई थी। संस्था युवाओं को सेना, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए प्रशिक्षण प्रदान कर रही है।

ये रहे मौजूद

कार्यशाला में सेवानिवृत्त कर्नल धर्मपाल वशिष्ठ, कर्नल कुलदीप सिंह, वीएसएम, कैप्टन विजय शंकर शर्मा, अकादमी के कर्मचारी तथा छात्र और छात्राएं
उपस्थित रहीं।

24 साल, 10 हजार से ज्यादा जांबाज
पिछले 24 वर्षों में अकादमी ने 21 अधिकारियों, 10,231 युवकों और 463 युवतियों को विभिन्न सैन्य, अर्धसैनिक बलों, पुलिस और अन्य सरकारी सेवाओं में अवसर प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।


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