पेंशनरों ने प्रदेश सरकार को दिया 15 दिन का अल्टीमेटम, मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन
पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक में उठाया मुद्दा
कार्यालय संवाददाता-बिलासपुर
प्रदेश सरकार की ओर से जल्द ही पेंशनरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया तो पेंशनर आंदोलन का रूख अपनाएंगे। पेंशनर जहां जन जागरण अभियान चलाएंगे वहीं, विधानसभा का घेराव करने में भी पीछे नहीं हटेंगे। शुक्रवार को हिमाचल प्रदेश पेंशनर्स संयुक्त संघर्ष समिति की बैठक प्रदेश अध्यक्ष सुरेश ठाकुर की अध्यक्षता में बिलासपुर में आयोजित की गई।
बैठक में चिर लंबित देनदारियां जैसे छठे वेतन आयोग की संशोधित वेतनमान, पेंशन एरियर के साथ ग्रेच्युटी, कम्यूटेशन व लीव इनकैशमेंट की अदायगी का न होना, 15 फीसदी महंगाई राहत भत्ता (195 माह का एरियर), लंबित चिकित्सा प्रतिपूर्ति, हिमाचल प्रदेश पथ परिवहन के सेवानिवृत्त कर्मचारियों को दूसरे विभागों की तजऱ् पर 50 हजार की पहली किस्त की अदायगी, तीन फीसदी महंगाई राहत, पेंशन का स्थायी समाधान किया जाना, हर माह की दस तारीख से पहले पेंशन की अदायगी व हिमाचल पथ परिवहन निगम की 02-10-1974 की अधिसूचना के नियमों को रद्द करके निगम की परिसंपतियों को स्टेट गवर्नमेंट ट्रांसपोर्ट में मर्ज करके ट्रांसपोर्ट का दर्जा दिया जाए। शहरी स्थानीय निकाय के पेंशनरों को छठे वेतन आयोग के आधार पर 1-1-2016 से पेंशन की अदायगी करना, विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों को भी अन्य विभागों की तर्ज पर ओपीएस, पुलिस विभाग के पेंशनरों को सेना के आधार पर कैंटीन सुविधाएं, फ्री मेडिकल की सुविधा आदि पेंशन की अदायगी देने बारे फैसला लिया जाए। भूपराम वर्मा, इंद्र पाल शर्मा, बृजलाल ठाकुर, हिम्मत राम शर्मा, चेत राम वर्मा, रविंद्र सिंह राणा, प्रदेश मीडिया प्रभारी सेन राम नेगी सहित अन्य मौजूद रहे।
15 दिन का समय
संघर्ष समिति ने कहा है कि सरकार 15 दिन के अंदर समिति के शिष्टमंडल को बातचीत करने के लिए आमंत्रित नहीं करती है तो पेंशनर्स अक्तूबर माह से आंदोलन का रास्ता अख्तियार करेगी।
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