Trump ने भारत पर 100% टैरिफ लगाने वाले बिल पर किए हस्ताक्षर, जानिए अब आगे क्या होगा
रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर शिकंजा, अब भारत भी निशाने पर
एजेंसियां — वाशिंगटन
भारत पर 100 फीसदी टैरिफ का खतरा बढ़ गया है। अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘रूस और ईरान पर प्रतिबंध लगाने वाले कानून’ पर साइन कर दिए हैं। इससे रूस और उससे बड़ी मात्रा में ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार ट्रंप को होगा। ट्रंप के निशाने पर जो देश सबसे टॉप पर हैं, उनमें भारत भी शामिल है, क्योंकि ये रूसी तेल के बड़े आयातकों में चीन के साथ आता है। ट्रंप अगर बिल के मुताबिक, भारत पर 100 फीसदी टैरिफ लगाते हैं, तो फिर इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है, क्योंकि भारत और अमरीका बड़े ट्रेड पार्टनर हैं और देश के यूएस को होने वाले निर्यात का आंकड़ा काफी बड़ा है। इसके साथ ही भारत-अमरीका में जारी व्यापार वार्ता पर भी इसका बड़ा असर देखने को मिल सकता है। ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ नाम का ह बिल रूस से ज्यादा कच्चा तेल खरीदने वाले पांच देशों को टारगेट करता है, जिसमें चीन, भारत, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान शामिल हैं।
भारत अपनी जरूरत का 40 फीसदी से ज्यादा क्रूड ऑयल रूस से खरीद रहा है। बीते अगस्त महीने में अमरीकी सेनेट में इस बिल को 86-11 वोट से पास किया गया था। इसके बाद इसे मंजूरी मिली और अब व्हाइट हाउस की ओर से बताया गया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने इस पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। न सिर्फ रूस, बल्कि ये कानून ईरान पर पहले से लागू प्रतिबंधों को भी आगे बढ़ाता है। खासतौर अब ट्रंप को उन देशों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लगाने का अधिकार मिल रहा है, जो रशियन ऑयल-गैस खरीदते हैं। इसके तहत अमरीकी व्यापार प्रतिनिधि हर 180 दिन में इसमें शामिल लिस्ट का आकलन करेंगे। हालांकि, अमरीका के इस कदम पर भारत ने दो टूक कह दिया है कि देश के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा। रूस के अलावा, भारत मुख्य रूप से इराक, सऊदी अरब, यूएई, कुवैत और कतर से तेल खरीदता है। इसके अलावा, नाइजीरिया, अंगोला, ब्राजील और अमरीका से भी कच्चा तेल आयात करता है।
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