नशा तस्करों की अवैध कमाई पर पुलिस का शिकंजा, तीन मामलों में 40.5 लाख की संपत्तियां जब्त

By: Oct 1st, 2026 1:27 pm

स्टाफ रिपोर्टर-शिमला

शिमला पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई को केवल नशीले पदार्थों की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित न रखते हुए अब तस्करों की अवैध कमाई और उससे बनाई गई संपत्तियों पर भी कार्रवाई तेज कर दी है। एनडीपीएस मामलों में फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के माध्यम से आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय लेन-देन और चल-अचल संपत्तियों की जांच की जा रही है। इसी कड़ी में तीन एनडीपीएस मामलों में करीब 40.5 लाख रुपए से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां जब्त की गई हैं। पुलिस के अनुसार, फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जाता है कि आरोपियों के पास मौजूद धन और संपत्तियां उनकी वैध आय से अर्जित हैं या नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से। जांच में संदिग्ध लेन-देन और संपत्तियों का पता चलने के बाद एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत उन्हें सीज करने की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस थाना बालूगंज में दर्ज एफआईआर नंबर 27/2026 में पुलिस ने करीब 23 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। इस मामले में 23 फरवरी 2026 को आईएसबीटी शिमला के समीप आरोपी अविनाश चौहान के कब्जे से करीब सात ग्राम हेरोइन/चिट्टा बरामद किया गया था। इसके बाद उसे गिरफ्तार किया गया। जांच आगे बढ़ने पर साक्ष्यों के आधार पर विशाल यादव, जय प्रकाश यादव और रवि अहिरवार को भी गिरफ्तार किया गया। मामले में की गई वित्तीय जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी विशाल यादव और उसके सहआरोपी भाई जय प्रकाश यादव द्वारा कथित तौर पर नशे के अवैध कारोबार से अर्जित धन से संपत्तियां खरीदी गई हैं। जांच के अनुसार अप्रैल 2026 में विशाल यादव ने अपने भाई जय प्रकाश यादव के नाम पर महिंद्रा एंड महिंद्रा की स्कॉर्पियो-एन गाड़ी खरीदी, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 22 लाख रुपये है।

इसके अलावा विशाल यादव के बैंक खाते में एक जनवरी 2025 से 26 अगस्त 2026 के बीच करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन पाया गया। पुलिस के अनुसार जांच में इस लेन-देन के अनुरूप कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। वित्तीय जांच के आधार पर वाहन और बैंक खाते में उपलब्ध शेष राशि, जिसकी कुल अनुमानित कीमत करीब 23 लाख रुपये है, को एनडीपीएस एक्ट के तहत जब्त किया गया है।

पुलिस थाना रामपुर में दर्ज एफआईआर नंबर 52/2025 में करीब 9.5 लाख रुपये की संपत्तियां जब्त की गई हैं। 13 मई 2025 को रामपुर के कुडीधार क्षेत्र में पुलिस की डिटेक्टिव टीम को सूचना मिली थी कि किराये के कमरे में कुछ लोग चिट्टा/हेरोइन की खरीद-फरोख्त में संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने मौके पर दबिश देकर करीब 31 ग्राम चिट्टा और 50,400 रुपए नकद बरामद किए थे। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के बैंकिंग लेन-देन, वित्तीय गतिविधियों और संपत्तियों का विस्तृत विश्लेषण किया। फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के आधार पर करीब 9.5 लाख रुपये मूल्य की ऐसी संपत्तियों की पहचान की गई, जिनके लिए आरोपियों की ओर से कोई वैध आय का स्रोत सामने नहीं आया। इनमें एक कार, एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी शामिल हैं। पुलिस ने इन संपत्तियों को नियमानुसार सीज किया है।

पुलिस थाना रामपुर में दर्ज एफआईआर नंबर 64/2025 में करीब आठ लाख रुपये की धनराशि को जब्त किया गया है। 25 जून 2025 को पुलिस ने नोगली बाजार, रामपुर स्थित बजीर बावड़ी रैन शेल्टर के पास कार्रवाई करते हुए आरोपी मनसा राम उर्फ मनीष को करीब 2.5 किलोग्राम चरस के साथ गिरफ्तार किया था।

मामले की वित्तीय जांच में आरोपी के बैंक और डाकघर खातों के अलावा अन्य वित्तीय लेन-देन का भी विश्लेषण किया गया। पुलिस के अनुसार जांच में करीब आठ लाख रुपये की धनराशि प्रथम दृष्टया नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी पाई गई, जिसे नियमानुसार सीज कर दिया गया है। एसएसपी शिमला गौरव सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक एनडीपीएस मामलों में की गई फाइनेंशियल इन्वेस्टिगेशन के तहत कुल 12.5 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की चल-अचल और वित्तीय संपत्तियां सीज की जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए अब तस्करों के आर्थिक नेटवर्क को भी निशाना बनाया जा रहा है।


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