नए साल में भी बैंकों को फंसे कर्ज का दर्द
नई दिल्ली — पुराने फंसे कर्ज का संकट झेल रहे बैंकों को नए साल में भी यह दर्द झेलना पड़ सकता है। नकदी संकट के चलते नए साल में और औद्योगिक इकाइयों, विशेषकर सूक्ष्म, लघु और मझोली इकाइयों (एमएसएमई) के समय पर कर्ज नहीं चुकाने से यह समस्या बढ़ सकती है। नवंबर में 500 व 1000 रुपए के नोटों को चलन से वापस लेने और नई मुद्रा जारी करने का बैंकों के मुनाफे पर भी बुरा असर पड़ सकता है। वर्ष के व्यस्त काम धंधे वाले समय में बैंक पुराने नोट जमा करने और नई मुद्रा जारी करने में लगे रहे। कर्ज वसूली और नया कर्ज देने का काम करीब करीब ठप पड़ा रहा। नोटबंदी की घोषणा के बाद से करीब करीब दो महीने पूरा बैंकिंग क्षेत्र पुराने नोट समेटने और नए नोट जारी करने में ही लगा रहा।
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