लिटफेस्ट में चर्चा तक सीमित नहीं रहेंगे सुझाव

खुशवंत सिंह के बेटे राहुल बोले, सरकार के पास जाएगी सभी विषयों के निचोड़ की प्रतिलिपि

सोलन – कसौली में होने वाले खुशवंत सिंह लिटफेस्ट में मंथन होने वाले विषयों के निचोड़ की प्रतिलिपि सरकार को भेजी जाएगी। यह बात स्व. खुशवंत सिंह के बेटे राहुल सिंह ने विशेष बातचीत के दौरान कही। उन्होंने कहा कि लिटफेस्ट में जिन विषयों पर चर्चा होगी, वे अब समाचार पत्रों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि सरकार के दरबार इन्हें पहुंचाया जाएगा। लिटफेस्ट में ऐसे विषयों पर चर्चा होनी है, जिनका सुझाव सरकार को भेजना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतिवर्ष होने वाले लिटफेस्ट में देश हित से जुड़े विषयों पर तो चर्चा होती है और इन पर बेहतर सुझाव निकलकर सामने आते हैं, लेकिन निकाले गए यह सुझाव केवल चर्चा तक सीमित रहते थे। यह पहला मौका है कि आठवें लिटफेस्ट में निकलने वाले हल सरकार तक पहुंच पाएंगे और इसके लिए पुरजोर कोशिश की जाएगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इस बार लिटफेस्ट बड़ा ही अहम है। इस दौरान धारा-370 के अलावा रामरहीम व बाबा रामदेव पर लिखी पुस्तक पर भी मंथन किया जाएगा। यह पहला मौका होगा, जब हिमाचल के लेखक भी लिटफेस्ट में पहुंचेंगे और हिमाचल के पर्यावरण पर चर्चा करेंगे। इस दौरान हिमाचल के परमवीर चक्र से सम्मानित कैप्टन विक्रम बत्रा व सूबेदार संजय कुमार के परिजनों को भी सम्मानित किया जाएगा। उल्लेखनीय हो कि इस बार पर्यटन नगरी कसौली में 11 से 13 अक्तूबर तक आठवें खुशवंत सिंह लिटफेस्ट का आयोजन होगा। खुशवंत सिंह के अमूल्य योगदान को देखते हुए उनके बेटे राहुल सिंह ने वर्ष 2012 में उनके जीवित रहते ही लिटफेस्ट की शुरुआत की थी।

ये नामी हस्तियां करेंगी शिरकत

लिटफेस्ट में अभिनेत्री शर्मिला टेगौर, मनीषा कोइराला, शबाना आजमी, गुलशन ग्रोवर, केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह, लेखक अमरेंद्र सिंह, राधा कुमार, हुमरा कुरैशी व अन्य कई जानी-मानी हस्तियां शिरकत करेंगी।

कसौली को दूसरा घर मानते थे खुशवंत

लेखक खुशवंत सिंह का पर्यटन नगरी कसौली के अपर माल से नीचे अपना राज विला नाम से बंगला है। जहां वे गर्मियों का समय बिताते थे। उन्होंने उपन्यास तथा किताबें कसौली स्थित राज विला में ही लिखे। खुशवंत सिंह कसौली को अपना दूसरा घर समझते थे।

तैयारियां पूरी

खुशवंत सिंह लिटरेचर फेस्टिवल इस बार सेंट्स एंड सिनर्स (संत व पापी) थीम पर आधारित होगा। लिटफेस्ट को लेकर यह थीम इसलिए चुनी गई है, क्योंकि इस बार महात्मा गांधी की 150वीं जयंती, गुरु नानक का 550वां प्रकाश उत्सव व जलियांवाला बाग हत्याकांड की शताब्दी भी है। लिटफेस्ट में देश-विदेश के नामी लेखक, साहित्यकार, राजनीति और फिल्मी दुनिया की हस्तियां शिरकत करेंगी। लिटफेस्ट के लिए कसौली क्लब में तैयारियां पूर्ण कर ली गई हैं।

लिटफेस्ट के लिए पहुंचे अमरीका के लेखक

कसौली – सदी के जाने-माने लेखक स्व. खुशवंत सिंह को समर्पित आठवां खुशवंत सिंह लिटफेस्ट शुक्रवार से शुरू हो जाएगा। इसके लिए नामी हस्तियों ने देर रात पर्यटन नगर कसौली में पहुंचना शुरू कर दिया। कई साहित्यकार एवं लेखक पिछले आठ सालों से लिटफेस्ट में पहुंच रहे हैं और विषयों पर मंथन कर रहे हैं। इस बार भी अमरीका के लेखक व साहित्यकार एरियन गुरुवार देर शाम करीब पांच बजे कसौली क्लब पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के अग्रणी समाचार पत्र ‘दिव्य हिमाचल’ से विशेष बातचीत की और कहा कि वह 2012 से लिटफेस्ट में पहुंच रहे हैं। उनके यहां पहुंचने का मकसद यह है कि लिटफेस्ट में देश हित को लेकर व्यापक चर्चाएं होती हैं, जिनका पॉजीटिव असर देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि वह लेखक खुशवंत सिंह द्वारा लिखी पुस्तकें पढ़ना अधिक पसंद करते हैं। इन पुस्तकों से उन्हें जीवन को सही प्रकार से जीने की प्रेरणा मिलती है। इस बार भी वह ऐसे विषयों पर मंथन करने आए हैं, जिनका पॉजीटिव असर यूथ पर पड़ेगा। लिटफेस्ट में पहुंचने वाले लेखक और बुद्धिजीवी प्रदेश में पर्यावरण बदलाव पर चिंतन करेंगे।

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