ड्राइविंग स्कूलों पर पुलिस की नजर

By: Oct 15th, 2019 12:01 am

प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों को कानून का पालन करने के निर्देश

शिमला – प्रदेश की संकरी सड़कों पर दुर्घटनाओं के पीछे कहीं न कहीं अधूरा प्रशिक्षण लेकर वाहन चलाने वाले लोग भी कारण बन रहे हैं। ये ऐसे वाहन चालक हैं, जो प्रदेश में चल रहे ड्राइविंग स्कूलों में प्रशिक्षण ले चुके हैं। हालांकि इन टे्रनिंग संस्थानों में इच्छुक लोगों को प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं, लेकिन अधिकांश ड्राइविंग स्कूलों में सिर्फ फीस वसूली की परंपरा है। ऐसी शिकायतें भी पुलिस को मिल चुकी हैं। इस कारण ड्राइविंग की पूरी ट्रेनिंग न होने के बावजूद लोग वाहन चलाते हैं और दुर्घटना को अंजाम देते हैं। इसके बाद राज्य पुलिस मुख्यालय ने सभी जिलों की पुलिस को सख्त निर्देश दिए हैं कि ऐसे ड्राइविंग स्कूलों पर निगरानी बनाए रखें। सड़क दुर्घटनाओं के मुख्य कारणों में लापरवाही से वाहन चलाना, तेज रफ्तार, नशे में गाड़ी चलाना, फिसलन भरी एवं असमतल सड़क, वाहनों में खराबी, खराब मौसम, बाहरी मोड़ों पर पैरापिट्स का न होना इत्यादि शामिल हैं। राज्य पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक इसी साल 93.61 प्रतिशत दुर्घटनाएं मानवीय गलतियों के कारण हुई हैं। हाल ही में पुलिस महानिदेशक सीताराम मरडी ने ने भी पुलिस जवानों को निर्देश दिए हैं कि नियमों का पालन न करने वालों पर कार्रवाई करें।

90 ब्लैक स्पॉट चिन्हित

पुलिस विभाग ने गत नौ महीने के अंतराल 90 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए हैं। इसमें से 71 को लोक निर्माण विभाग द्वारा सुधारा जा चुका है। वहीं, परिवहन निगम ने भी 169 दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान की है, जिसकी सूची आगामी कार्रवाई के लिए लोक निर्माण विभाग को भेज दी गई है। इसके अलावा आपातकाल प्रबंधन एवं अनुसंधान संस्थान ने भी राज्य में 505 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए है, जिनमें से लोक निर्माण विभाग द्वारा 200 में सुधार कर दिया गया है।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App