बेटे की शहादत का गम नहीं, शर्मिंदा हैं झूठे सरकारी वादों से

By: Jan 10th, 2020 12:22 am

आधी कच्ची होने के चलते पांच किलोमीटर पैदल चलकर बस पकड़ने को मजबूर लोग, सरकार-प्रशासन के खिलाफ रोष

बिझड़ी – घोषणा के बावजूद सड़क मार्ग के पक्का न होने के कारण शहीद दीप चंद राणा के परिजन व अन्य ग्रामीण अपने आपको ठगा सा महसूस कर रहे हैं। हालात यह हैं कि आज भी ग्रामीणों को पांच किलोमीटर पैदल चलकर बस पकड़नी पड़ रही है। सड़क मार्ग की खस्ताहालत के चलते टैक्सी चालक व एंबुलेंस चालक भी यहां आने से कतराते हैं। ऐसे में शहीदों के परिवार को बेहतर सुविधाएं तो दूर की बात बल्कि मूलभूत सुविधाएं भी नहीं मिल पा रही हैं। मामला उपमंडल बड़सर के अंतर्गत पड़ने वाली ग्राम पंचायत भैल के बरोटी गांव का है। वर्ष 1999 में पाकिस्तान के खिलाफ कारगिल युद्ध में बरोटी के वीर सैनिक दीप चंद राणा वीरगति को प्राप्त हुए थे। उस समय की तत्कालीन सरकार द्वारा शहीद के घर को सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए सड़क निर्माण की घोषणा की गई व सड़क का नाम शहीद दीप चंद राणा घोषित किया गया, लेकिन सरकारी दावों की पोल आज सड़क की हालत देखकर खुद व खुद खुल रही है। सड़क का केवल दो किलोमीटर का हिस्सा ही पक्का हो पाया है, जबकि तीन किलोमीटर सड़क कच्ची है। शहीद के चचेरे भाई संदीप राणा के अनुसार बरोटी गांव के अलावा अन्य 13 गांवों के लोग समस्या से परेशान हैं। आज भी मरीजों को चारपाई व कुर्सियों पर उठाकर मुख्य सड़क तक पहुंचाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार ने सड़क पक्की ही नहीं करनी थी, तो शहीद के नाम घोषणा का लॉलीपॉप क्यों दिया गया। आज 21 वर्षों बाद भी शहीद के परिजन अपने आप को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। शहीद दीप चंद के बूढ़े माता-पिता राजो देवी व बसंत सिंह अपने बेटे की फोटो हाथ में लिए सरकार से सड़क मार्ग को पक्का करने व बस सुविधा प्रदान करने की मांग कर रहे हैं। संदीप कुमार, संजय राजपूत, रतन चंद, श्रवण सिंह, ब्रह्मी देवी व संत राम आदि ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र सड़क को पक्का व बस सुविधा नहीं दी गई, तो 13 गांवों के ग्रामीण आगामी पंचायत चुनावों का बहिष्कार करेंगे।


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