पुरानी पेंशन बहाली की मांग

By: Dec 7th, 2021 12:45 am

एटक धर्मशाला में 11 को रैली निकाल प्रदेश सरकार पर बनाएगी दबाव
कार्यालय संवाददाता — ठियोग
हिमाचल प्रदेश एटक के राज्य महासचिव व पीडल्यूडी एवं आईपीएच इंप्लाई मजदूर यूनियन के राज्य अध्यक्ष देवकी नंद चौहान ने कहा है कि सेवानिवृत्ति के बाद पेंशन कर्मचारियों का मौलिक अधिकार है, सरकार द्वारा कर्मचारियों को पेंशन न देना सरासर कर्मचारियों के साथ अन्याय है और मौलिक अधिकारों का भी उल्लंघ्न है। एटक राज्य महासचिव देवकी नंद चौहान ने कहा है कि देश और प्रदेश के विभिन्न विभागों में वर्ष 2003 के बाद नियुक्त 60 लाख से भी अधिक कर्मचारियों की पेशन केंद्र सरकार ने इसलिए बंद कर दी कि देशहित पेंशन से ऊपर है, अगर देशहित कर्मचारियों की पेशन से ऊपर है तो वर्ष 2003 के बाद चयनित विधायकों व सांसद की पेशन क्या देशहित से ऊपर है, जिन्हें अभी भी पुरानी पेंशन दी जा रही है।

देवकी नंद चौहान ने कहा है कि अगर सच्ची देश हित कर्मचारियों की पेंशन से ऊपर है, तो केंद्र सरकार को तुरंत वर्ष 2003 के बाद चयनित विधायकों व सांसदों की पेंशन भी देश हित में बंद की जानी चाहिए अन्यथा कर्मचारियों की पुरानी पेंशन तुरंत बहाल की जाए। तपोवन धर्मशाला में 11 दिसंबर को कर्मचारियों द्वारा पुरानी पेंशन बहाली हेतु विशाल रैली की जा रही है। उन्होंने संगठन से जुड़े सभी एनपीएस कर्मचारी व प्रदेश के भीतर अन्य सभी कर्मचारी यूनियनों/ संगठनों व उन संगठनों से जुड़े लाखों कर्मचारियों से आग्रह किया है कि पुरानी पेंशन बहाल करवाना हमारा सामुहिक मुद्धा है। इस लिए 11 दिसंबर को तपोवन धर्मशाला में पुरानी पेंशन बहाली हेतु सभी यूनियननों, संगठनों के पदाधिकारी व संगठनों से जुड़े एनपीएस कर्मचारी अवश्य रैली में आ कर अपनी पुरानी पेंशन बहाली हेतु आवाज बुलंद कर प्रदेश सरकार पर पुरानी पेंशन बहाली हेतु दबाव बनाया जाए।


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