प्राकृतिक खेती ने बना दिया मास्टर ट्रेनर, अनिता नेगी ने पेश की मिसाल, राज्यपाल ने भी की तारीफ

By: Mar 16th, 2022 12:01 am

तरगाड़ी गांव की महिला किसान अनिता नेगी ने पेश की मिसाइल, राज्यपाल ने भी की तारीफ

मोहर सिंह पुजारी-कुल्लू

प्राकृतिक खेती के लिए पहले परिवार से खूब डांट मिलती रही। छह महीने काम छोड़ दिया, फिर प्राकृतिक खेती की उम्मीद जागी। जब प्रोडेक्ट तैयार कर दिया तो आज महिला किसान मास्टर ट्रेनर बन गई। हम यहां बात कर रहे हैं जिला कुल्लू की बंजार घाटी के तरगाड़ी गांव की महिला किसान अनिता नेगी की। प्राकृतिक खेती से जहां अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहीं है। वहीं, दूसरों के लिए गुरु बन गई। हाल ही में डा. यशवंत सिंह परमार वानिकी एवं औद्यानिकी विश्व विद्यालय नौणी सोलन में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य पर खेती से परिवार समृद्धि विषय पर राज्यपाल के समक्ष प्राकृतिक खेती का अनुभव महिला किसान अनिता नेगी ने रखा तो, राज्यपाल तथा वहां मौजूद अधिकारियों और किसानों खूब तारीफ की। वहीं, अनिता नेगी पीके 3 वाई के प्रशिक्षण से भी कुछ सीख कर आई हैं, जो बंजार में अन्य किसानों को प्रशिक्षण देगी। बता दें कि अनिता नेगी ने वर्ष 2018 से सुभाष पालेकर प्राकृतिक खेती को शुरू किया।

वर्ष 2019 में खेती का रकवा बढ़ाकर तीन बीघा कर दिया और उत्पादन में एक मॉडल तैयार कर दिया, जिसमें मटर, धनियां, प्याज की खेती तैयार की, जिसमें सफलता हासिल हुईं। यही नहीं फिर इसी रकवे में तीन पेड़ सेब के लगाए। वहीं, नर्सरी तैयार कर आज 400 सेब के पेड़ लगाए हैं। 30 जपानी फल के पेड़ भी तैयार किए हैं। 30 पेड़ों ने बीते वर्ष 2021 में तीन साल बाद सैंपल दिए और एक-एक क्रेट सेब की निकली। जिससे तीस हजार रुपए कमाए। वहीं, प्राकृतिक खेती से इसी तीन बीघा रकवे में भिंडी, गोभी, फ्रांसबीन उगाकर 50 हजार रुपए कमाए हैं। यही नहीं कुल्लू की प्राचीनतम खेती सलियारा, कोदरा और माश की खेती भी की जा रही है। उन्हें दिसंबर 2021 में कृषि मंत्री के हाथों उत्कृष्ट किसान का अवार्ड मिला है। बता दें कि अनिता तीन पंचायतों पलाहच, मंगलौर और कंढीधार के किसानों को प्राकृतिक खेती के बारे में प्रोत्साहित करेंगी। वहीं, छह महीने में 30 फार्मरों को जोडऩे का कार्य भी करेंगी। एचडीएम

पति-बेटियां और बेटे भी किए ट्रेंड

परिवार से डांट खाने वाली अनिता नेगी ने आज अपने परिवार में पति, बेटियों और बेटे को भी प्राकृतिक खेती के लिए ट्रेंड किया है। वहीं, बंजार के मिसाल बनकर उभरी हैं।

क्या कहतीं हैं अनिता नेगी

अनिता नेगी ने कहा कि मेरी सफलता का श्रेय कृषि विभाग हिमाचल प्रदेश कृषि प्राद्योगिकी प्रबंधन अभिकरण आतमा जिला कुल्लू को जाता है।