जीएसटी कंपनसेशन बहाली मांगेगा हिमाचल, फाइनांस सेक्रेटरी को लेकर दिल्ली गए सीएम जयराम ठाकुर

By: Nov 25th, 2022 12:08 am

राज्य ब्यूरो प्रमुख — शिमला

जीएसटी कलेक्शन में हो रहे नुकसान की भरपाई के लिए हिमाचल केंद्र के समक्ष अपनी बात रखेगा। जीएसटी कंपनसेशन को पूर्व की तरह बहाल करने को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ केंद्रीय बजट की तैयारियों पर होने वाली पहली बैठक में मामला उठाएंगे। मुख्यमंत्री फाइनांस सेक्रेटरी प्रबोध सक्सेना के साथ दिल्ली गए हैं, जो शुक्रवार को होने वाली बैठक में हिस्सा लेंगे। हिमाचल इस बार मुख्यत: तीन बातें केंद्र सरकार के समक्ष रखेगा और इनमें से सबसे महत्त्वपूर्ण जीएसटी कंपनसेशन के लिए तो लड़ाई ही लडऩी पड़ेगी। कंपनसेशन की भरपाई इस साल से केंद्र सरकार ने बंद कर दी है और इस कारण हिमाचल को हर साल 4000 करोड़ का नुकसान हो रहा है।

इसके अलावा दो और मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इसमें एक इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट स्कीम की बहाली और दूसरा पहाड़ी राज्यों में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए हेलि एंबुलेंस शुरू करने का प्रस्ताव भी है। यदि पर्वतमाला स्कीम की तरह हेलि एंबुलेंस के लिए भी कोई स्कीम भारत सरकार के ही बजट में आ जाए, तो हिमाचल जैसे पहाड़ी राज्यों को इससे मदद मिलेगी। इंडस्ट्रियल डिवेलपमेंट स्कीम के तहत राज्य में स्थापित होने वाले नए उद्योगों को इन्वेस्टमेंट सबसिडी मिलती थी, जो अब बंद हो गई है। 31 मार्च, 2022 से पहले भेजे गए मामलों में भी अभी सब्सिडी लंबित है। इसलिए यह मामला भी उठाने की जरूरत है।

लोन लिमिट बढ़ाने पर भी चर्चा संभव

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर केंद्रीय वित्त मंत्री से बैठक के दौरान राज्य की ऋण सीमा बढ़ाने को लेकर भी मांग कर सकते हैं। राज्य सरकार के पास अभी 31 दिसंबर, 2022 तक 9700 करोड़ लोन लेने की अनुमति है और इसमें से 7000 करोड लिया जा चुका है, लेकिन इस साल की अंतिम तिमाही यानी जनवरी से मार्च तक की अवधि के लिए लोन की लिमिट अलग से आएगी, क्योंकि राज्य सरकार ने पे कमिशन का एरियर का भुगतान भी करना है। इसलिए इस लिमिट को और बढ़ाने की मांग की जा सकती है।