एकै साधे सब सधै

By: Jul 31st, 2025 12:06 am

एक बार की सफलता हममें नया आत्मविश्वास जगाती है और आगे की सफलताओं की राह खोल देती है, क्योंकि तब हम जान जाते हैं कि भविष्य के हर काम, हर उत्तरदायित्व को ठीक से निभाने का गुर उस अकेले काम पर केंद्रित हो जाना है। जीवन का यह नियम अनमोल है कि जो काम हमारे सामने है, वही सबसे महत्वपूर्ण है। इसी तरह जो व्यक्ति हमारे सामने है, वही सबसे महत्वपूर्ण है, और जो समय हमारे सामने है, यानी, वर्तमान समय, वही समय किसी भी नए काम को शुरू करने का शुभ समय है। जीवन में सफल होने और खुश रहने के कुछ बहुत साधारण नियम हैं। ये नियम बहुत आसान हैं, बहुत व्यावहारिक हैं और बहुत लाभदायक हैं। कुछ समय खुद के साथ अकेले बिताएं। यह एकांत है, अकेलापन नहीं। इस एकांत का आनंद लें, खुद के साथ का आनंद लें। खुद को परखें, खुद को समझें। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें, अपना प्लान ऑव एक्शन तय करें। खुद के साथ समय बिताना, कुछ समय एकांत में बिताना ऐसा ही है मानो आपने अपनी बैटरी रीचार्ज कर ली…

हमारा दिमाग एक साथ ही हमारा सबसे बड़ा मित्र और सबसे बड़ा दुश्मन है। साइंस कहती है कि हमारे दिमाग में हर रोज औसतन साठ हजार विचार आते हैं और इनमें से अ_ानवे प्रतिशत विचार पिछले दिनों के विचारों की पुनरावृत्ति मात्र हैं, यानी हमारा दिमाग वही पुराने विचार बार-बार दोहराता है। यह भी माना गया है कि इनमें से लगभग अस्सी प्रतिशत विचार नकारात्मक होते हैं। सुविधा सिर्फ यही है कि ये विचार क्षणभंगुर होते हैं और फटाफट आते-जाते रहते हैं और हम इनकी तरफ ध्यान दे पाएं, उससे पहले ही ये गायब हो जाते हैं, लेकिन अगर इनमें से किसी भी एक विचार की तरफ हमारा ध्यान चला जाए तो फिर हम उस पर ही केंद्रित हो जाते हैं और उस विचार के कारण विचारों की नई शृंखला आरंभ हो जाती है। अगर हम दिमाग की इस करामात को समझ लें और इसका नियंत्रण करना सीख लें तो हम अपना मनचाहा कुछ भी कर पाने में समर्थ हो जाते हैं। आधुनिक मनोविज्ञान इसे ही ‘लॉ ऑव अट्रैक्शन’ कहता है। यदि हम अपने जीवन का एक लक्ष्य तय कर लें तो हमारा जीवन उस लक्ष्य पर केंद्रित हो जाता है, तब आत्मसंयम के साथ-साथ जीवन में अनुशासन आ जाना भी आसान हो जाता है। अगर हम अपना एक लक्ष्य बना लें और उसे लिख लें और उस लिखे को बार-बार देखते रहें तो वह एक विचार इतना हावी हो जाता है कि बाकी 59999 के विचार अर्थहीन हो जाते हैं, सामथ्र्यहीन हो जाते हैं, वे हमें भटका नहीं पाते। इससे हम अपने समय का बेहतर उपयोग कर पाते हैं, ज्यादा प्रोडक्टिव हो जाते हैं और जल्दी सफल होना संभव हो जाता है। इस एक छोटे से टोटके को अपनाने से स्वयं पर नियंत्रण आसान हो जाएगा, और स्वयं पर नियंत्रण का परिणाम है कि हमें अपने जीवन पर नियंत्रण हो जाएगा।

रहीम दास के नाम से जाने जाने वाले मध्ययुगीन नीति और दरबारी संस्कृति के प्रतिनिधि महान कवि, सेनापति, प्रशासक, और दानवीर तथा अरबी, तुर्की, फारसी, संस्कृत और हिंदी सहित कई भाषाओं के ज्ञाता, मुगल बादशाह अकबर के दरबार के नौ रत्नों में से एक अब्दुल रहीम खान-ए-खाना के प्रसिद्ध दोहे ‘एकै साधे सब सधे, सब साधे सब जाय/रहिमन मूलहिं सींचिबो, फूलै-फलै अघाय’ में भी यही कहा गया है। इस दोहे का अर्थ यह है कि एक काम को ठीक से करने से सब काम ठीक हो जाते हैं, वैसे ही जैसे वृक्ष की जड़ को सींचने मात्र से पत्ते, डालियां, फूल और फल बस अपने आप फलते-फूलते हैं, लेकिन यदि सब काम एक साथ करने की कोशिश की जाए तो कुछ भी ठीक से नहीं होता, यानी एक समय में एक ही काम पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए, और उस काम को पूरी तरह से पूरा करने पर ध्यान देना चाहिए। यह पाया गया है कि यह कायनात हमें वह नहीं देती जो हम सोचते हैं, कायनात हमें वह देती है जो हम हैं, जो हम बन जाते हैं, जो हमारे जीवन का सार है, कायनात हमें वही देती है। यह स्पष्ट है कि सिर्फ एकाध बार सोचने से कुछ नहीं होता, जब हमारी सोच इतनी गहरी हो जाती है और उस सोच का हमारे जीवन से इतना तादात्म्य हो जाता है कि वह एक विचार हमारे जीवन की धुरी बन जाता है तो पूरी कायनात हमारे उस विचार को मूर्तरूप देने में जुट जाती है। विद्वजन कहते हैं कि हमें जिस काम से अरुचि होती हो या डर लगता हो, उसे ही करें, बार-बार करें, वह काम रुचिपूर्ण हो जाएगा, आसान हो जाएगा और हम पाएंगे कि यह मुहावरा बिल्कुल सही है कि डर के आगे जीत है। सवाल यह है कि इस नियम का हमारे जीवन में क्या उपयोग है, हम इस नियम से क्या लाभ उठा सकते हैं, वह लाभ कैसे उठा सकते हैं? आध्यात्मिक गुरु, दार्शनिक और आधुनिक प्रोडक्टिविटी स्पेशलिस्ट आदि सभी का मानना है कि एक समय में एक ही काम पर ध्यान देने के लाभ ही लाभ हैं।

इससे न केवल हमारा फोकस बढ़ता है बल्कि किए जाने वाले काम की गुणवत्ता बढ़ जाती है, गलतियों की आशंका कम हो जाती है, और काम के समय तनाव नहीं होता। एक बार की सफलता हममें नया आत्मविश्वास जगाती है और आगे की सफलताओं की राह खोल देती है, क्योंकि तब हम जान जाते हैं कि भविष्य के हर काम, हर उत्तरदायित्व को ठीक से निभाने का गुर उस अकेले काम पर केंद्रित हो जाना है। जीवन का यह नियम अनमोल है कि जो काम हमारे सामने है, वही सबसे महत्वपूर्ण है। इसी तरह जो व्यक्ति हमारे सामने है, वही सबसे महत्वपूर्ण है, और जो समय हमारे सामने है, यानी, वर्तमान समय, वही समय किसी भी नए काम को शुरू करने का शुभ समय है। जीवन में सफल होने और खुश रहने के कुछ बहुत साधारण नियम हैं। ये नियम बहुत आसान हैं, बहुत व्यावहारिक हैं और बहुत लाभदायक हैं। कुछ समय खुद के साथ अकेले बिताएं। यह एकांत है, अकेलापन नहीं। इस एकांत का आनंद लें, खुद के साथ का आनंद लें। खुद को परखें, खुद को समझें। अपने लक्ष्य के बारे में सोचें, अपना प्लान ऑव एक्शन तय करें। खुद के साथ समय बिताना, कुछ समय एकांत में बिताना ऐसा ही है मानो आपने अपनी बैटरी रीचार्ज कर ली। अपनी सेहत का ध्यान रखें, शुद्ध भोजन खाएं, ताजा खाएं। हर रोज कुछ नया सीखें, पढक़र, सुनकर या देखकर, पर सीखें। संगीत का आनंद लें, सवेरे जल्दी उठने की आदत डालें, और अपने विचारों में तथा अपने व्यवहार में सामंजस्य लाएं। हमारा व्यवहार ही नहीं, हमारे विचार भी शुद्ध हों, हमारे काम भी शुद्ध हों, उनमें नैतिकता हो, अपने समय का सदुपयोग करें, तो सफलता हमारे कदम चूमती है। इसमें कोई संशय नहीं है कि समय ही जीवन है, समय हमारा असली धन है, खोया धन वापस आ सकता है, खोई सेहत भी वापस आ सकती है लेकिन खोया समय वापस लाने का कोई साधन नहीं है। अत: हम समय की कीमत समझें और इसका बेहतरीन उपयोग करें। एक छोटा सा नुस्खा यह भी है कि हम बस यह सोचें कि अगर आज का दिन हमारे जीवन का आखिरी दिन हो तो हम क्या करेंगे? इस अकेले विचार से जो ज्ञान उपजेगा, वह हमारा जीवन बदल देगा। इससे हमारे मन की ईष्र्या, द्वेष और तुलना की भावना जाती रहेगी, हम शुद्ध हो जाएंगे, बुद्ध हो जाएंगे। जीवन में स्थिरता आ जाएगी, खुशमिजाजी आ जाएगी, खुशियां आ जाएंगी।

स्पिरिचुअल हीलर सिद्ध गुरु प्रमोद निर्वाण

गिन्नीज विश्व रिकार्ड विजेता लेखक

ई-मेल: indiatotal.features@gmail.com


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