पीके खुराना

विभिन्न संशोधनों के बाद हमारे संविधान में ऐसी खामियां आ गई हैं कि यदि प्रधानमंत्री के पास संसद के दोनों सदनों में दो-तिहाई बहुमत हो और आधे राज्यों में उनकी समर्थक सरकारें हों तो वे चाहें तो सुप्रीम कोर्ट को हमेशा के लिए ख़त्म कर दें, चुनाव आयोग को ख़त्म कर दें, संसद को ख़त्म

कोविड वैक्सीन का पहला डोज़ लेने के बाद शुरू के 15 दिन बहुत सावधानी के दिन हैं क्योंकि तब हमारा इम्यून सिस्टम बहुत कमज़ोर होता है और जरा सी असावधानी से हम कोविड या किसी अन्य वायरस के शिकार हो सकते हैं। इस दौरान बार-बार पानी पीना, हाथ धोना, भीड़ से बचना आदि सावधानियां आवश्यक

अक्सर हम पूरी स्थिति समझे बिना फटाफट सलाह देने पर उतारू हो जाते हैं। उससे बात बिगड़ जाती है। हम सामने वाले का भला चाहते हैं, लेकिन हम इस ढंग से काम नहीं करते कि हमारा रुख उसे पसंद आए। यही स्थिति तब होती है जब हम अपनी कोई बात किसी को समझाना चाहें, मनवाना

मोदी सरकार ने समाज के एक वर्ग पर अघोषित आपातकाल लगा रखा है। यह एक प्रकार की सेक्शनल इमर्जेंसी है जिसमें कानून और सर्वोच्च न्यायालय तक को अमान्य किया जा रहा है। असहमति जताने वाले लोगों को जेलों में डाला गया है। भ्रष्टाचार निरोध के मामले में भी ऐसा ही है। सिर्फ विरोधी दलों के

इस तकनीक  के कारण अब यह संभव हो गया है कि महिला का पेशेवर जीवन भी चलता रहे और उसे मातृत्व सुख से भी वंचित न रहना पड़े। पश्चिम में कई प्रसिद्ध महिलाओं ने इस तकनीक को अपनाया है जबकि भारतवर्ष में यह अभी बहुत शुरुआती स्तर पर है। यह कहना अभी मुश्किल है कि

पेशे के रूप में जब उन्होंने अपना कार्य आरंभ किया तो उन्हें इसमें आनंद आने लगा और बातचीत के उनके तरीके ने, उनके लहजे से, उनके ज्ञान ने उनकी लोकप्रियता बढ़ाई। बाद में उन्होंने कई और भाषाएं भी सीखीं और अपने काम में और ज्यादा पारंगत होती चली गईं। एक विदेशी महिला लुइस निकल्सन ने

रोजगार के अवसरों की कमी एक बहाना मात्र है। इंटरनेट और तकनीक के मेल से नई क्रांति आई है। यह सही है कि रोज़गार छिने हैं, नौकरियां गई हैं, लेकिन यह भी सच है कि नए ज़माने की आवश्यकताओं के अनुरूप हुनरमंद लोगों की मांग बढ़ी है और उनके वेतनमान में उछाल आया है। एक

हमारे देश में तो बहुत छोटी कक्षाओं से ही यह सिलसिला आरंभ हो जाता है कि बच्चे के प्रोजेक्ट उनके मां-बाप, भाई-बहन पूरे करते हैं, साइंस की प्रेक्टिकल की कापियां कोई और बनाता है, पुराने शोधपत्र उठाकर कई बार तो सिर्फ  नाम बदल कर जमा करा दिए जाते हैं। ऐसे बच्चे जिन्हें व्यावहारिक ज्ञान है

इस समस्या से बचने का एक ही तरीका है कि हम कुटीर उद्योगों पर फिर से ध्यान दें, उन्हें तकनीक का लाभ लेना सिखाएं। दस्तकारों को प्रोत्साहित करें, उनका सामान खरीदें और उसके निर्यात के लिए अधिक से अधिक बाजार ढूंढें। यह सच है कि भविष्य में तकनीक सिर्फ  एक सपोर्ट-सिस्टम न रहकर उद्योगों की

यदि आप एवरेस्ट विजय करना चाहते हैं तो आप सैर करते हुए वहां नहीं पहुंच सकते। परिवर्तन की मानसिक यात्रा हमें सफलता की ओर ले चलती है। यदि हमें जीवन की बाधाओं से पार पाना है और सफल होना है तो हमें इस मानसिक यात्रा में भागीदार होना पड़ेगा जहां हम नए विचारों को आत्मसात