पीके खुराना

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते प्रयोग के कारण अब इनसान के बजाय मशीनें आपस में ज्यादा बातें करेंगी और प्राइवेसी की समस्या और भी गहराएगी। यहां तक तो ठीक था, पर अब हमारी निजता ही नहीं, हमारा धन भी चोरों-ठगों-हैकरों के निशाने पर है। हम जानते हैं कि कुछ माह पूर्व दक्षिण कोरिया की लगभग आधी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार लेकिन यह कैसे होगा? यह तब होगा जब हम सरकार पर निर्भर होना छोड़ेंगे, सरकार को कोसना बंद करेंगे, नौकरशाही को दोष देने के बजाय खुद को दोष देंगे, गुस्सा तो आएगा, पर दूसरों पर नहीं, बल्कि खुद पर। यह तब होगा, जब हमारा व्याकरण बदलेगा और हम कहेंगे, ‘हां, मैं

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सुचित्व मिशन के अधिकारियों का कहना है कि यह विधि पर्यावरण रक्षा के लिए उपयोगी और सटीक है तथा इसे बड़े स्तर पर अपनाया जाना चाहिए। हमारे देश में अव्वल तो प्रशासनिक अधिकारी ही इतनी अड़चनें डालते हैं कि कोई काम करना मुश्किल हो जाता है और यदि किसी तरह से

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार यह निवेश ऐसे काम में होना चाहिए जहां आपकी व्यक्तिगत उपस्थिति आवश्यक न हो। ऐसे निवेश के कई तरीके हैं। आप कोई छोटा-सा घर खरीद कर किराए पर उठा सकते हैं, रिक्शा, ऑटो-रिक्शा, कार आदि खरीद कर किराए पर दे सकते हैं। कोई ऐसा व्यवसाय कर सकते हैं जहां आपके कर्मचारी

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार सपना होगा तो हम सफल होंगे, समृद्ध होंगे, विकसित होंगे और अपनी सफलता का परचम लहरा सकेंगे। ऐसे समय में जब कोरोना वायरस ने दुनिया को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया और लाखों नौकरियां छीन लीं, तो ‘दि ग्रोथ स्कूल’ के सहयोग से कहानी लेखन महाविद्यालय, समाचार मीडिया और स्कोर

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार भारतीय खाद्य निगम पर भी अडानी का बोर्ड लग गया है और पानीपत के पास नौल्था गांव में लगभग सौ एकड़ जमीन पर अडानी का विशाल गोदाम बन रहा है जहां हरियाणा और आसपास के राज्यों से खरीदी गई फसल का भंडारण होगा। भंडारण शायद एक गलत शब्द है, सही शब्द

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार अब सवाल यह है कि जब नौकरियों का अकाल हो और व्यवसाय का आसान विकल्प भी विकल्प न रह गया हो तो क्या किया जाए। यह खुशी की बात है कि देश में बहुत सी संस्थाओं ने जैसे गैर-पत्रकार लोगों के लिए व्यवसाय के नए विकल्प सुझाने के लिए वेबिनार किए

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार इसी तरह सत्तासीन लोगों की उदासीनता और भ्रष्टाचार से परेशान जनमानस धीरे-धीरे इस बात के कायल हो जाते हैं कि शासन तो डंडे के जोर पर ही चलता है। यही कारण है कि हमें इंदिरा गांधी और नरेंद्र मोदी जैसे तेज़-तर्रार शासक कहीं ज़्यादा पसंद आते हैं। इससे इंकार नहीं किया

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार समस्या यह है कि मोदी अपनी मनमानी के लिए संविधान में कुछ ऐसे परिवर्तन चाहते हैं जिसके लिए उन्हें लोकसभा और राज्यसभा में दो-तिहाई बहुमत और कम से कम आधे राज्यों में भाजपा सरकार की दरकार है। मोदी बहुत दूरअंदेशी हैं और वे जानते हैं कि यदि नीतीश को मुख्यमंत्री न

पीके खुराना राजनीतिक रणनीतिकार नया सफल व्यवसाय आरंभ करने के लिए आवश्यक यह है कि आप अपने ही क्षेत्र के अनुभव और ज्ञान का लाभ उठाकर ग्राहकों को कोई नई सुविधा या बचत उपलब्ध करवाएं। स्टार्ट-अप कल्चर ने यह साबित कर दिया है कि यह भी हमारा भ्रम ही था कि धन कमाने के लिए