सावधान! इंजेक्शन से पकाया गया है यह तरबूज, खरीदते वक्त ऐसे करें पहचान
दिव्य हिमाचल डिजिटल डेस्क
गर्मियों का मौसम शुरू हो चुका है। ऐसे में शरीर को ठंडा रखने के लिए बाजार में तरह-तरह के पेय पदार्थ मौजूद हैं, लेकिन शरीर को केमिकल युक्त पेय पदार्थों से ठंडा रखने का मतलब बिमारियों को न्यौता देना है। ऐसे में आपको सिर्फ न केवल कोलड्रिंक्स से बचना है, बल्कि शरीर को हानिकारक चीजों से भी बचाना है, क्योंकि बाजार में ऐसी कई चीजें मौजूद हैं, जो देखने में तो असली लगती हैं, लेकिन होती नकली हैं।
गर्मियों में शरीरी को पानी की ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में एक फल है, जो शरीर को न केवल ठंडा रखता है, बल्कि उसमें स्वाद से भरा पानी भी होता है, जो शरीर को भरपूर एनर्जी प्रदान करता है। हम बात कर रहे हैं तरबूज की, जो शरीर को कमाल के फायदे देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि मार्केट में ऐसे तरबूज भी हैं, जिन्हें केमिकल या इंजेक्शन से पकाया जाता है। अब सवाल उठता है कि यह कैसे पता लगाएं की तरबूज नेचुरल तरीके से पका है या केमिकल और इंजेक्शन से, तो आज हम आपको बताएंगे कि असली और नकली की पहचान कैसे करें।
ऐसे करें असली-नकली की पहचान
तरबूज खरीदते वक्त ध्यान रखें कि उसमें पीला या हल्के सफेद रंग का दाग हो। अगर तरबूज पूरा हरा है, तो हो सकता है केमिकल से पकाया गया हो। तरबूज को काटकर देखें कि उसमें कोई दरार है या नहीं। अगर दरार है, तो समझ लेना कि तरबूज को इंजेक्शन लगाया गया है। काटने के बाद अगर तरबूज के खाने वाले हिस्से से रंग हाथ में लगे, तो सावधान हो जाइए और टिश्यू पेपर लगाकर देखें। अगर तरबूज रंग छोड़े तो समझ लेना कि यह खराब है और इंजेक्शन लगाया गया है।
तरबूज मीठा है या फीका
मीठे और फीके तरबूज की पहचान करना काफी आसान है। बाजार में तरबूज खरीदते वक्त ही आप इसकी पहचान कर सकते हैं—
1. तरबूज अगर गोल है, तो वह मीठा होगा और अगर लंबा है, तो उसमें पानी ज्यादा होगा।
2. तरबूज के बाहरी हिस्से में अगर पीला निशान है, तो वह मीठा होता है और सफेद निशान है, तो वह फीका होगा।
3. तरबूज के बाहरी हिस्सों में लगी लाइन से भी मीठे या फीके का पता लगाया जा सकता है। तरबूज पर लाइनें अगर पास-पास होंगी तो वह मीठा होगा। दूर-दूर लाइनों वाला तरबूज फीका हो सकता है।
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