फार्मर आईडी के बिना अटक सकता है योजनाओं का लाभ, जल्द करवाएं पंजीकरण

By: Jun 26th, 2026 12:45 am

बिलासपुर में 31 हजार से अधिक किसानों का हुआ पंजीकरण, एग्रीस्टैक परियोजना के तहत डिजिटल पहचान बनेगी सरकारी योजनाओं की कुंजी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बिलासपुर
कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्रत्येक कृषि भूमिधारक किसान को आधार की तर्ज पर यूनिक डिजिटल फार्मर आईडी प्रदान की जा रही है। भविष्य में यही आईडी किसानों की आधिकारिक डिजिटल पहचान होगी और इसके माध्यम से केंद्र व प्रदेश सरकार की कृषि एवं बागवानी से जुड़ी विभिन्न योजनाओं, अनुदानों और सेवाओं का लाभ पारदर्शी, सरल और त्वरित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा। उपायुक्त राहुल कुमार ने जिले के सभी किसान एवं बागवानों से भारत सरकार की महत्वाकांक्षी एग्रीस्टैक परियोजना के तहत शीघ्र फार्मर आईडी बनवाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अब सभी किसानों और बागवानों के लिए अनिवार्य है। आने वाले समय में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्राकृतिक खेती, फसल बीमा, सिंचाई, बीज, उर्वरक, कृषि यंत्रीकरण, बागवानी अनुदान सहित अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने के लिए फार्मर आईडी आवश्यक होगी। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि समय रहते पंजीकरण नहीं कराने वाले किसानों को भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए सभी पात्र किसान बिना देरी किए अपना पंजीकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि जिला बिलासपुर में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के 64,285 लाभार्थी हैं, जिनमें 51,190 सक्रिय तथा 13,095 निष्क्रिय लाभार्थी शामिल हैं।

25 जून 2026 तक 29,419 सक्रिय एवं 1,812 निष्क्रिय लाभार्थियों सहित कुल 31,231 किसानों का फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण किया जा चुका है जो पीएम किसान लाभार्थियों का 57,47 प्रतिशत है। इसके अतिरिक्त 6,020 अन्य किसानों ने भी फार्मर रजिस्ट्री में अपना पंजीकरण करवाया है। परियोजना अधिकारी (आतमा) रितेश गुप्ता ने बताया कि फार्मर आईडी बनाने की प्रक्रिया पूरी तरह आधार आधारित, सुरक्षित, पारदर्शी और डिजिटल है। किसान स्वयं घर बैठे ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं। इसके अलावा वे अपने निकटतम लोकमित्र केंद्र में जाकर भी फार्मर आईडी बनवा सकते हैं जहां आवश्यक तकनीकी सहायता उपलब्ध करवाई जा रही है। किसान संबंधित कृषि एवं बागवानी अधिकारियों से भी इस संबंध में जानकारी एवं सहयोग प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एग्रीस्टैक परियोजना कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है जिससे किसानों को योजनाओं का लाभ अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और सुगम तरीके से मिलेगा। उन्होंने जिले के सभी किसान एवं बागवानों से अपील की कि वे शीघ्र अपनी फार्मर आईडी बनवाकर फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण सुनिश्चित करें ताकि भविष्य में किसी भी सरकारी योजनाए अनुदान अथवा वित्तीय सहायता से वंचित न रहना पड़े।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App