सोलन में दिखी सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल
मुस्लिम समुदाय ने मां शूलिनी मेले पर किया पुष्प वर्षा का स्वागत
निजी संवाददाता-सोलन
राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेले के पहले दिन सोलन शहर में सांप्रदायिक सौहार्द और भाईचारे की एक सुंदर तस्वीर देखने को मिली। मां शूलिनी की पवित्र डोली के नगर भ्रमण के दौरान माल रोड पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धा और सम्मान के साथ डोली का स्वागत किया तथा पुष्प वर्षा कर माता का आशीर्वाद प्राप्त किया। मुस्लिम समुदाय की ओर से माल रोड पर विशेष स्वागत की व्यवस्था की गई थी।
समुदाय के लोगों ने एक बैनर के माध्यम से समस्त सोलनवासियों को राष्ट्रीय शूलिनी मेले की शुभकामनाएं दीं। जैसे ही मां शूलिनी की डोली वहां पहुंची, श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर माता का अभिनंदन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु भी मौजूद रहे, जिन्होंने इस दृश्य का स्वागत किया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने कहा कि मां शूलिनी मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सोलन की साझा संस्कृति, आपसी प्रेम और सामाजिक एकता का प्रतीक है। मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि सोलन हमेशा से गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी सौहार्द की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि सभी धर्म हमें प्रेम, शांति और मानवता का संदेश देते हैं तथा समाज की मजबूती इसी आपसी सम्मान और सहयोग में निहित है।
शूलिनी मेले में मुस्लिम समुदाय ने लगाया आइसक्रीम का भंडारा
राष्ट्रीय स्तरीय मां शूलिनी मेले के अवसर पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने श्रद्धालुओं और मेले में पहुंचे आगंतुकों के लिए आइसक्रीम का भंडारा लगाया। भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में लोगों ने आइसक्रीम का प्रसाद ग्रहण किया। समुदाय के सदस्यों ने कहा कि शूलिनी मेला आपसी भाईचारे, प्रेम और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक है तथा हर वर्ष वे सेवा भाव से इस आयोजन में योगदान देते हैं। मेले में पहुंचे लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता और गंगा-जमुनी संस्कृति का सुंदर उदाहरण बताया। भंडारे के दौरान स्वयंसेवकों ने व्यवस्थित रूप से लोगों को आइसक्रीम वितरित की।
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