Anti-Chitta Test: सरकारी भर्तियों को एंटी-चिट्टा टेस्ट जरूरी, नशे पर कार्रवाई से आंकी जाएगी उपायुक्तों की परफॉर्मेंस
कार्यालय संवाददाता — शिमला
हिमाचल प्रदेश में भविष्य में होने वाली सभी सरकारी भर्तियों के लिए एंटी-चिट्टा टेस्ट अनिवार्य किया जाएगा। राज्य सरकार चिट्टे के खात्मे के लिए व्यापक स्तर पर काम कर रही है और इस अभियान में सभी जिलों के उपायुक्तों की परफॉर्मेंस भी आंकी जाएगी। कार्यकारी मुख्य सचिव केके पंत ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी निवारण दिवस के अवसर पर शुक्रवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में ‘एंटी-चिट्टा दिवस’ मनाया गया। वहीं, एडीजीपी पुलिस ज्ञानेश्वर सिंह ने कहा कि दिल्ली में आयोजित एनकॉर्ड बैठक में भी इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि चिट्टा मुख्य रूप से पंजाब के रास्ते हिमाचल पहुंच रहा है। इसे रोकने के लिए हिमाचल पुलिस केंद्रीय और अन्य बड़ी एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इंटर-स्टेट ड्रग सचिवालय के गठन के बाद कार्रवाई और अधिक प्रभावी हुई है तथा पुलिस किंगपिन से लेकर नशे के उपभोक्ताओं तक पहुंच रही है।
पुलिस को 112 नंबर पर दें तस्करों की सूचना
डीजीपी अशोक तिवारी ने कहा कि प्रदेश में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। वहीं, उत्तराखंड में निहंग से जुड़े मामले पर उन्होंने कहा कि हिमाचल-उत्तराखंड सीमा पर पूरी तरह शांति है। हिमाचल पुलिस उत्तराखंड पुलिस के लगातार संपर्क में है और सीमा क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। हिमाचल पुलिस ने प्रदेशवासियों से अपील की है कि चिट्टा या अन्य मादक पदार्थों की तस्करी, बिक्री, भंडारण अथवा सेवन से संबंधित किसी भी सूचना की जानकारी तुरंत 112 या नजदीकी पुलिस थाने को दें। पुलिस ने भरोसा दिलाया कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
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