कुठेड़ा में पास लेने की होड़ में टकराई बसें, यात्रियों में मची चीखो-पुकार
सुजानपुर से हमीरपुर आ रही थी सरकारी और प्राइवेट बस, प्राइवेट बस ऑपरेटरों को 15 हजार रुपए देकर छुड़ाना पड़ा पीछा
कार्यालय संवाददाता-हमीरपुर
हमीरपुर-सुजानपुर सडक़ मार्ग पर कुठेड़ा के नजदीक पास लेने की जल्दबाजी में बसें आपस में टकरा गई। ऐसे में बस में बैठे यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। हालांकि प्राइवेट बस ऑपरेटरों ने मौके से बस भगाने का जरूर प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के चलते वह इसमें सफल नहीं हो पाए। एचआरटीसी के ड्राइवर और कंडक्टर ने पुलिस को भी मौके पर बुला लिया था। बता दें कि धर्मशाला से सोलन वाया सुजानपुर आ रही सोलन डिपो की बस गुरुवार सुबह सवा नौ बजे जैसे ही कुठेड़ा के नजदीक पहुंची, तो पीछे से आ रही सुजानपुर-हमीरपुर प्राइवेट बस पास लेने की जल्दबाजी में एचआरटीसी बस के साथ टकराई गई। दोनों बस जैसे ही आपस में टकराई, तो बस में मौजूद यात्रियों में चीखो पुकार मच गई। बताया जा रहा है कि एचआरटीसी बस के ड्राइवर ने अगर बस को कंट्रोल में नहीं किया होता, तो बड़ा हादसा उक्त जगह पर घट सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो प्राइवेट बस ऑपरेटर ने अपनी बस को घटनास्थल से भगाने का प्रयास किया, लेकिन स्थानीय लोग इक_ा हो गए और प्राइवेट बस को आगे से घेर लिया। एचआरटीसी के ड्राइवर-कंडक्टर ने इसकी सूचना तुरंत हमीरपुर पुलिस थाना को दी और बस अड्डा हमीरपुर को भी इस बारे में सूचित कर दिया।
ऐसे में हमीरपुर बस अड्डा से भी अड्डा इंचार्ज जगदेव सिंह मौके के लिए रवाना हुए। यात्रियों की मानें तो प्राइवेट बस ऑपरेटर सुजानपुर से टाइम खाते चलते हैं और निगम की बस को पास भी नहीं देते हैं। अगर निगम का चालक पास लेने का प्रयास भी करे, तो वह लड़ाई झगड़े पर उतर आते हैं। क्योंकि चार-पांच माह पहले भी चबूतरा के नजदीक दोनों बसें आगे-पीछे टकरा गई थी, जिससे एक बस का फ्रंट शीश, तो दूसरी बस का बैक शीशा टूट गया था। निगम के बस ड्राइवर ने प्राइवेट बस से दो-तीन बार पास लेने का प्रयास किया, लेकिन प्राइवेट बस के चालक ने उन्हें पास नहीं दिया। ऐसे में निगम चालक ने तलाई में जाकर प्राइवेट बस से पास लिया था, ताकि वह समय पर हमीरपुर बस स्टैंड पहुंच जाए, लेकिन कुठेड़ा के नजदीक सरकारी बस से जल्दबाजी में पास लेना प्राइवेट बस ऑपरेटर को महंगा पड़ गया।यात्रियों को दूसरी बस के जरिए शिमला भेजा गया है। जबकि प्राइवेट बस ऑपरेटर ने निगम का रूट फेल होने पर 15 हजार रुपए देना पड़ा।
यात्रियों को दूसरी बस से भेजा गया शिमला
यात्रियों को दूसरी बस के जरिए शिमला भेजा गया है। जबकि प्राइवेट बस ऑपरेटर ने निगम का रूट फेल होने पर 15 हजार रुपए देकर अपनी जान छुड़वाई है। और दोबारा ऐसा न करने का आश्वासन दिया है, ताकि यात्रियों को किसी प्रकार का जोखिम सफर के दौरान न उठाना पड़े। हालांकि मामला पुलिस में दर्ज नहीं हो पाया है।
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