इजरायल-हिजबुल्लाह में भी सीजफायर, अमरीका-कतर ने करवाया समझौता, पश्चिमी एशिया में शांति की उम्मीद
अमरीका और कतर ने करवाया दोनों पक्षों में समझौता, पश्चिमी एशिया में अब शांति की उम्मीद
एजेंसियां — वाशिंगटन डीसी/तेहरान
अमरीका और ईरान के बीच शांति समझौते के बाद इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच भी युद्धविराम पर सहमति बन गई है। दोनों पक्षों के बीच सीजफायर शुक्रवार शाम चार बजे स्थानीय समय (भारतीय समयानुसार शाम साढ़े छह बजे) से लागू हो गया है। एक सीनियर अमरीकी अधिकारी ने बताया कि अमरीका और कतर के वार्ताकारों ने ईरान की मदद से यह समझौता कराया। गुरुवार को हुई गोलीबारी के बाद दोनों पक्ष लड़ाई रोकने पर राजी हुए। इससे पहले 111 दिनों के संघर्ष के बाद ईरान और अमरीका के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर हुए समझौते को मानने से इजरायल ने इनकार कर दिया था। इजरायली सेना ने गुरुवार रात भर दक्षिणी लेबनान में कई ठिकानों पर हमले किए। दक्षिणी लेबनान में इजरायली हमले में एक और व्यक्ति की मौत के बाद मरने वाले लोगों की संख्या 18 पहुंच गई है। लेबनान के सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, आधी रात के बाद हमलों में 33 अन्य लोग घायल भी हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोट्र्स के मुताबिक, इजरायल की तरफ से हमला होने के बाद हिजबुल्लाह ने भी इजरायल पर जबरदस्त पलटवार किया। हिजबुल्लाह के जवाबी हमले में इजरायल के चार सैनिक मारे गए। ऐसे में दक्षिणी लेबनान में लड़ाई तेज होने की आशंका हो गई।
इसी बीच, ईरान ने अमरीका के साथ शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में होनी वाली बातचीत रद्द कर दी। ईरान ने कहा है कि अमरीका पहले लेबनान पर हमले रुकने की गारंटी दे, तभी आगे की बातचीत होगी। ईरान का कहना था कि दक्षिणी लेबनान पर इजरायल के हमले बंद होने के साथ कब्जा भी खत्म होना चाहिए। दूसरी तरफ इजरायल का कहना है कि ईरान समर्थित शिया मिलिशिया हिजबुल्लाह के कारण खतरा बना हुआ है। इस कारण सेना पीछे नहीं हटेगी। इजरायल की दलील है कि हिजबुल्लाह से लडऩे के लिए उसे पूरी आजादी चाहिए, क्योंकि इसके लड़ाके उत्तरी इजरायल पर हमले करते रहे हैं। हालांकि शुक्रवार शाम होते-होते इजरायल और हिजबुल्लाह भी सीजफायर के लिए तैयार हो गए।
ट्रंप फिर बोले, ईरान को एक डॉलर नहीं देंगे
अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने श्ुाक्रवार को ईरान को लेकर सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि हम नहीं, ईरान मजबूरी में बातचीत की टेबल पर आया। वह खत्म हो चुका है। हम 60 दिन की प्रक्रिया पूरी करेंगे और उसे एक डॉलर भी नहीं मिलेगा। ट्रंप ने एक अन्य पोस्ट में दावा किया कि ईरान की सैन्य ताकत बुरी तरह कमजोर हो चुकी है। उन्होंने कहा कि उसके पास अब एयरफोर्स, नौसेना, एयर डिफेंस सिस्टम और राडार जैसी क्षमताएं लगभग नहीं बची हैं।
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