निगम के 800 पेंशनरों के लंबित मामले जल्द भेजने की मांग
स्टाफ रिपोर्टर-शिमला
हिमाचल प्रदेश पेंशनर संयुक्त संघर्ष समिति ने शिमला नगर निगम के महापौर को ज्ञापन सौंपकर निगम के लगभग 800 पेंशनरों के लंबित मामलों को शीघ्र तैयार कर शहरी विकास निदेशालय भेजने की मांग की। समिति के प्रदेश अतिरिक्त महासचिव भूपराम वर्मा ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में गंगाराम शर्मा, मोहन ठाकुर, सैनराम नेगी, बीसी चौहान, सुंदर शास्त्री, घनश्याम ठाकुर, केआर झिगटा और अनिल कुमार शामिल रहे। भूपराम वर्मा ने कहा कि जून 2026 की मंत्रिमंडल बैठक में राज्य सरकार ने शहरी स्थानीय निकायों के लगभग 2300 सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एक जनवरी 2016 से संशोधित वेतनमान के आधार पर पेंशन देने को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
अब तक उन्हें एक जनवरी 2006 के वेतनमान के आधार पर पेंशन मिल रही थी। शहरी विकास विभाग के निदेशक ने 4 जून 2026 के आदेश से सभी निकायों को स्वीकृति के लिए मामले शीघ्र भेजने को कहा है। स्थानीय निकाय कर्मचारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव सिंह सेन ने कहा कि हिमाचल प्रदेश नगर पालिका अधिनियम-1994, पालिका कर्मचारी सेवा अधिनियम-1994 और कर्मचारी सेवा नियम-2006 के अनुसार पेंशन व भविष्य निधि का संचालन शहरी विकास विभाग के माध्यम से होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने 20 निगमों और बोर्डों के शेष 6564 कर्मचारियों को भी पेंशन देने की घोषणा की है, जबकि वर्तमान में केवल 524 कर्मचारी ही इसका लाभ ले रहे हैं। समिति ने 29 अक्टूबर 1999 की अधिसूचना बहाल कर सभी पात्र कर्मचारियों को पेंशन का लाभ देने और इस विषय पर निगमों व बोर्डों के प्रतिनिधियों के साथ शीघ्र बैठक बुलाने की मांग की है।
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