बच्चों में तेजी से बढ़ रही शुगर, थायरायड कर रहा तंग

By: Jun 16th, 2026 12:01 am

कांगड़ा कालेज राष्ट्रीय संगोष्ठी में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े, विशेषज्ञों चिकित्सकों ने किया मंथन, शोधपत्र भी किए पेश

स्टाफ रिपोर्टर -टीएमसी
बच्चों में मोटापा, टाइप-1 मधुमेह, थायरॉयड रोग, असामान्य वृद्धि तथा समय से पहले या देर से होने वाले यौवनारंभ जैसे हार्मोन संबंधी रोगों के बढ़ते मामलों को देखते हुए देशभर के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने इनके प्रति जन जागरूकता बढ़ाने और समय रहते पहचान सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर बल दिया। यह विचार डाक्टर राजेंद्र प्रसाद राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय आरपीजीएमसी टांडा में आयोजित राष्ट्रीय पीडियाट्रिक एंडोक्राइन संगोष्ठी-2026 के दौरान व्यक्त किए गए। धौलाधार पीडियाट्रिक एंड एडोलेसेंट एंडोक्राइन केयर सोसायटी तथा आरपीजीएमसी के बाल रोग विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित यह सम्मेलन हिमाचल प्रदेश में बाल एंडोक्राइनोलॉजी के क्षेत्र का अब तक का सबसे बड़ा शैक्षणिक आयोजन माना जा रहा है। इसमें देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञों ने भाग लेकर बच्चों में होने वाले हार्मोन एवं मेटाबॉलिक रोगों के आधुनिक उपचार और नवीनतम शोध पर अपने विचार साझा किए। सम्मेलन के आयोजक एवं आरपीजीएमसी कांगड़ा में बाल रोग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉण् अतुल गुप्ता ने कहा कि जागरूकता की कमी और विशेषज्ञ सेवाओं के अभाव में अनेक बच्चे हार्मोन संबंधी बीमारियों के बावजूद समय पर उपचार नहीं प्राप्त कर पाते। उन्होंने कहा कि इस संगोष्ठी का उद्देश्य राष्ट्रीय स्तर की विशेषज्ञता को हिमाचल प्रदेश तक लाना हैए ताकि प्रदेश के चिकित्सक आधुनिक एवं वैज्ञानिक उपचार पद्धतियों से लाभान्वित होकर बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान कर सकें।

मुख्य अतिथि एवं एम्स ऋषिकेश की निदेशक तथा प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ डॉण् मीनू सिंह ने कहा कि बच्चों में मोटापाए मधुमेहए थायरॉयड विकार और वृद्धि संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि यदि इन रोगों की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू कर दिया जाए तो बच्चों को जीवनभर की गंभीर जटिलताओं से बचाया जा सकता है। विशिष्ट अतिथि एवं आरपीजीएमसी कांगड़ा के प्रधानाचार्य डॉण् मिलाप शर्मा ने बाल रोग विभाग की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के राष्ट्रीय शैक्षणिक कार्यक्रम प्रदेश के चिकित्सकों को नवीनतम चिकित्सा ज्ञान से जोड़ते हैं और हिमाचल में स्वास्थ्य सेवाओं को और सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ सीमा शर्मा ने हिमाचल प्रदेश में बच्चों की वृद्धि एवं उससे जुड़ी समस्याओं के बदलते परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि समय पर जांच और उचित परामर्श से अनेक जटिलताओं को रोका जा सकता है। वैज्ञानिक सत्रों में देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर व्याख्यान दिए। डॉण् अतुल गुप्ता ने टाइप-1 मधुमेह के वैश्विक परिदृश्य और नई उपचार पद्धतियों पर व्याख्यान दिया।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App