महंगे बीजों ने तोड़ी किसानों की कमर

By: Jun 26th, 2026 12:45 am

सबसिडी बंद होने से बड़सर के किसान बेहाल, आंकड़ों ने खोली दावों की पोल
निजी संवाददाता – बड़सर
प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को दिए जाने वाले बीजों पर सबसिडी बंद करने से क्षेत्र के अन्नदाताओं को गहरा झटका लगा है। स्थानीय किसानों ने सरकार के इस फैसले को अपने हितों पर सीधा कुठाराघात बताया है, जिसका सीधा और विपरीत असर इस बार रबी व खरीफ सीजन के बीजों की खरीद पर देखने को मिला है। विकासखंड बिझड़ी के एसएमएस डा. नवीन कुमार और कृषि उपनिदेशक दुर्गा दास शर्मा द्वारा पुष्ट किए गए आधिकारिक आंकड़े धरातल की इस कड़वी हकीकत को साफ बयां कर रहे हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस बार बीजों की सेल बहुत कम हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार विकास खंड बिझड़ी में वर्ष 2025 में जहां मक्की के बीज की कुल बिक्री 389.90 क्विंटल दर्ज की गई थी वह वर्ष 2026 में घटकर महज 326 क्विंटल रह गई है। इसी तरह किसानों के चारे की मुख्य फसल चरी की बिक्री में आधी से भी अधिक की भारी गिरावट आई है, जो 298.35 क्विंटल से गिरकर मात्र 135 क्विंटल पर सिमट गई है। वहीं बाजरे की बिक्री का ग्राफ भी 200 क्विंटल से लुढक़कर केवल 34.80 क्विंटल पर आकर रुक
गया है।

तुरंत बहाल हो बीजों की सबसिडी
बीजों की सेल में आई इस भारी गिरावट और महंगे दामों से परेशान बड़सर व बिझड़ी विकास खंड के समस्त किसानों ने अब प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की गुहार लगाई है। किसानों की तरफ से मुख्यमंत्री को भेजे गए मांग पत्र में पुरजोर मांग की गई है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले किसान वर्ग को राहत देने के लिए बीजों और आधुनिक कृषि उपकरणों पर पहले की तरह मिलने वाली सबसिडी को तुरंत बहाल किया जाए।


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