बोतल-कैन में तेल पर लगा सरकारी लॉक, किसान परेशान
तीन से 5 लीटर की छोटी टंकी बनी मुसीबत, हर दूसरे दिन टिल्लर को पंप तक लाना बेहद मुश्किल
कार्यालय संवाददाता – हमीरपुर
हमीरपुर जिला के पेट्रोल पंपों पर सिर्फ पावर टिल्लर में ही तेल भरा जा रहा है। जबकि बोतल व कैन में तेल बेचना पैट्रोल पंपों ने बिल्कुल बंद कर दिया है। केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन के चलते किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें बोतलों व कैन इत्यादि में पेट्रोल चाहकर भी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में किसान अपने पावर टिल्लर को खड़े करने को मजबूर हैं। इसके चलते किसानों का बिजाई का कार्य भी लगातार प्रभावित हो रहा है। किसानों ने केंद्र सरकार से गुहार लगाई है कि जो पावर टिलर खेतीबाड़ी के लिए प्रयोग किए जा रहे हैं, उन्हें बोतल व कैन में तेल डालने की विशेष छूट दी जाए, ताकि उनका खेतीबाड़ी का काम और प्रभावित न हो सके। बता दें कि हमीरपुर जिला के पेट्रोल पंपों पर 27 मई के बाद बोतलों व कैन में पेट्रोल डालना बंद कर दिया गया है। ऐसे में हमीरपुर जिला के करीब 500 पावर टिल्लर किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
तेल न मिलने से कई किसानों अपने पावर टिल्लरों को खड़े करने को मजबूर हो गए हैं। क्योंकि पावर टिल्लरों को पेट्रोल पंप पर ही तेल डाला जा रहा है। जबकि पावर टिल्लर की टंकी तीन से पांच लीटर की होती है। ऐसे में किसान बार-बार पेट्रोल पंप पर कैसे अपने पावर टिल्लर लेकर पहुंचेंगे। यही नहीं 8 से 10 किलोमीटर दूर के किसानों को ट्राले इत्यादि में डालकर पावर टिल्लर पेट्रोल पंप तक पहुंचाने पड़ रहे हैं, जिससे किसानों को पावर टिल्लर में पेट्रोल डालना महंगा पड़ रहा है। ऐसे में किसान अपने पावर टिल्लर को खड़े करने को मजबूर हैं। ककरू गांव के सुनील कुमार ने बताया कि उनके पास भी पावर टिल्लर मौजूद है। बोतल व कैन में तेल न देने से उनकी दिक्कतें बढ़ गई हैं। क्योंकि पॉवर टिल्लर को बार-बार पेट्रोल पंप तक ले जाना संभव नहीं है। पावर टिल्लर की टंकी तीन से पांच लीटर की होती है। ऐसे में किसान कितनी बार पावर टिल्लर को पेट्रोल पंप तक लेकर जाए।
पेट्रोल पंप में केंद्र सरकार की 27 मर्ई को जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक किसी को भी बोतल व कैन में पेट्रोल व डीजल नहीं दिया जा रहा है। इसके अलावा पावर टिल्लर को भी पेट्रोल पंप पर लाने के बाद ही तेल डाला जा रहा है
अमित शर्मा, मैनेजर, मिल्खी पेट्रोल पंप हमीरपुर
नियमों के जाल में फंसा हमीरपुर का अन्नदाता
अणुकलां से रमेश चंद का कहना है कि तेल न मिलने की वजह से उन्हें अपना पावर टिल्लर खड़ा करना पड़ा है। क्योंकि पावर टिल्लर को अगर ट्राले में डालकर पेट्रोल पंप तक ले जाएंगें, तो वह किसानों के लिए महंगा सौदा है। गाहलियां गांव के विधि चंद का कहना है कि पावर टिल्लर किसानों को केंद्र सरकार की नई गाइड लाइन से मुश्किलें बढ़ा दी है। खेतीबाड़ी कर रहे किसानों को इसमें छूट मुहैया करवानी चाहिए, ताकि किसानों का खेतीबाड़ी का कार्य प्रभावित न हा सके।
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