आम आदमी की बल्ले-बल्ले, फिर गिरे सोने-चांदी के रेट, जानिए कैसे आई यह गिरावट
आज के महंगाई भरे दौर में हमारे घरों में जब भी कोई शादी-व्याह जैसा कर्यक्रम होता है तो सबसे पहला सवाल ये ही आता है की सोने का क्या भाव है- बीते दिनों की बात की जाए तो सोने और चांदी की कीमतें आसमान छू रही थी, और आम आदमी सोना ख़रीदने से पहले सौ बार सोच रहा है, पर इस सब के बीच में राहत भरी खबर सामने आई है। पिछले कल भी सोने चांदी के रेट काफी हद तक गिरे हैं मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर सोना 4100 रुपए गिरकर 1.49 लाख रुपए के आसपास ट्रेड करने लगा। तो वहीं चांदी 13000 रुपए से ज्यादा गिरकर 2.40 लाख रुपए प्रति किलोग्राम से भी नीचे आ गई और 2,38,800 रुपए पर ट्रेड करने लगी। आज 19 जून की बात करें तो 19 जून को 24 कैरेट सोना 2940 रुपये सस्ता होकर 146,720 रुपये प्रति 10 ग्राम की कीमत पर बेचा जा रहा है, जबकि 22 कैरेट सोने का दाम 134,493 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बेचा जा रहा है। वहीं, 1 किलो चांदी 7350 रुपये गिरकर 231,350 रुपये के भाव पर बेची जा रही है।
आंकड़ों की मानें तो दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में 24 कैरेट सोना करीब 1.49 लाख से 1.52 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में बना हुआ है, जबकि 22 कैरेट सोना लगभग 1.35 लाख से 1.39 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा है। वहीं 18 कैरेट सोने की कीमतें भी 1.12 लाख ₹1.14 लाख प्रति 10 ग्राम के करीब बनी हुई हैं, जो ज्वेलरी खरीदने वालों के लिए एक सस्ता विकल्प माना जाता है। चलिए अब आपको बताते हैं की आखिर किन कारणों से गिरवाट आ रही है
इसके पीछे के तीन मुख्य कारण हैं जिनकी वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने (Gold) की कीमतों में गिरावट आती है या उन पर दबाव बनता है। आइए इन्हें आसान शब्दों में समझते हैं।
1. अमेरिकी डॉलर की मजबूती
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने का व्यापार अमेरिकी डॉलर में होता है। जब डॉलर मजबूत यानी महंगा होता है, तो भारत या अन्य देशों के व्यापारियों को डॉलर खरीदने के लिए अपनी करेंसी ज्यादा खर्च करनी पड़ती है। इससे उनके लिए सोना खरीदना महंगा हो जाता है। जब कोई चीज महंगी होती है, तो लोग उसे कम खरीदते हैं, और मांग घटने से सोने के दाम नीचे आते हैं।
दूसरा कारण- फेडरल रिजर्व का सख्त रुख है : फेडरल रिजर्व अमेरिका का केंद्रीय बैंक है जैसे कि भारत में RBI है। जब अमेरिकी बैंक ब्याज दरें (Interest Rates) बढ़ाता है या बढ़ाने के संकेत देता है, तो निवेशकों को बैंकों या सरकारी बॉन्ड्स में पैसा लगाने पर ज्यादा फायदा (ब्याज) मिलने लगता है। क्योंकि सोने पर कोई नियमित ब्याज या डिविडेंड नहीं मिलता, इसलिए निवेशक सोने से पैसा निकालकर उन जगहों पर लगाने लगते हैं जहाँ पक्का और ज्यादा ब्याज मिल रहा हो। इस वजह से लोग सोना बेचने लगते हैं और उसकी कीमत गिरती है।
तीसरा कारण- ग्लोबल तनाव में कमी है : सोने को दुनिया का सबसे सुरक्षित निवेश यानी ‘सेफ हेवन’ (Safe Haven) माना जाता है। जब दुनिया में युद्ध या तनाव का माहौल होता है (जैसे ईरान-अमेरिका विवाद), तब लोग शेयर बाजार के डूबने के डर से अपना पैसा सोने में सुरक्षित रख देते हैं, जिससे सोना महंगा हो जाता है। लेकिन जब ये वैश्विक तनाव कम या शांत होने लगते हैं, तो निवेशकों का डर खत्म हो जाता है। वे सोने से पैसा निकालकर वापस शेयर बाजार या अन्य बिजनेस में लगाने लगते हैं, जिससे सोने की मांग कम हो जाती है और दाम गिर जाते हैं।
वहीँ बाजार के इस उतार-चढ़ाव को हम दो नजरियों से देखें तो क्या होगा
अगर आप एक खरीददार हैं तो आपकी मौज लगने वाली है अगर घर में शादी है या ज्वैलरी बनाने का प्लान है, तो यह आपके लिए बिल्कुल सही मौका है। साथ ही दूसरी और आप एक इन्वेस्टर हैं तो सोने-चांदी का इतिहास रहा है कि ये गिरकर फिर संभलते हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि लंबे समय के लिए यह गिरावट कोई बुरी बात नहीं है ।
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