एम्स में अब 24 घंटे रहेगी दिल की धडक़नों पर नजर
अत्याधुनिक अरेथमिया डिटेक्टर मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू, हृदय रोगियों को मिलेगी बड़ी राहत, उपचार में आएगा सुधार
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बिलासपुर
प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) बिलासपुर में हृदय रोगों के उपचार और निगरानी की सुविधाओं को और अधिक आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। संस्थान के कार्डियो थोरेसिक एंड वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग के लिए अत्याधुनिक अल्ट्रापोर्टेबल अरेथमिया डिटेक्टर मशीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।इस अत्याधुनिक उपकरण के एम्स बिलासपुर में उपलब्ध होने के बाद प्रदेश के हृदय रोगियों को गंभीर हृदय समस्याओं की पहचान और निगरानी के लिए बेहतर सुविधा स्थानीय स्तर पर ही मिल सकेगी। इससे मरीजों को उपचार के लिए दूसरे राज्यों के बड़े अस्पतालों का रुख कम करना पड़ेगा और समय व आर्थिक खर्च में भी कमी आएगी। अरेथमिया डिटेक्टर मशीन हृदय की धडक़नों की लगातार निगरानी करने में सक्षम होगी। यह उपकरण मरीज के हृदय की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखेगा और धडक़नों की गति या लय में किसी भी प्रकार की असामान्यता सामने आने पर चिकित्सकों को तत्काल अलर्ट करेगा।
विशेषज्ञों के अनुसार कई गंभीर हृदय रोगों में समय पर बीमारी की पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। धडक़नों में अनियमितता अरेथमिया की स्थिति में कुछ मिनटों की देरी भी मरीज के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकती है। ऐसे में यह मशीन डॉक्टरों को समय रहते सही निर्णय लेने में मदद करेगी। एम्स बिलासपुर के सीटीवीएस विभाग में इस मशीन का उपयोग हृदय रोगियों की बेहतर निगरानी के लिए किया जाएगा। विशेषज्ञों के मुताबिक यह उपकरण हृदय सर्जरी से पहले मरीज की स्थिति का आकलन करने, ऑपरेशन के दौरान हृदय की गतिविधियों पर नजर रखने, सर्जरी के बाद रिकवरी की निगरानी करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इसके अलावा आईसीयूए इमरजेंसी वार्ड और मरीजों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ले जाने के दौरान भी यह मशीन लगातार हृदय की निगरानी करने में सक्षम होगी। प्रदेश के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है।
स्थानीय स्तर पर मिलेगी उन्नत कार्डियक मॉनिटरिंग सुविधा
अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरणों से लैस होने की दिशा में एम्स बिलासपुर लगातार आगे बढ़ रहा है। नई मशीन के आने से प्रदेश के गंभीर हृदय रोगियों को उन्नत कार्डियक मॉनिटरिंग सुविधा अपने ही राज्य में उपलब्ध हो सकेगी। इससे न केवल मरीजों को समय पर उपचार मिल पाएगा बल्कि बड़े शहरों के अस्पतालों पर निर्भरता भी कम होगी।
हृदय चिकित्सा सेवाओं का मजबूत केंद्र बन रहा एम्स
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि आधुनिक तकनीक और अत्याधुनिक उपकरणों के जुडऩे से एम्स बिलासपुर प्रदेश में उन्नत हृदय चिकित्सा सेवाओं के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। अरेथमिया डिटेक्टर मशीन डॉक्टरों को मरीजों की स्थिति का अधिक सटीक आकलन करने में सहायता करेगी। इससे गंभीर हृदय रोगियों के उपचार में तेजी आएगी और समय पर चिकित्सकीय हस्तक्षेप से मरीजों की जान बचाने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
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