Himachal : सितंबर से कांगड़ा तक पूरा खुल जाएगा फोरलेन, 60 किलोमीटर कम होगी कांगड़ा-शिमला की दूरी
रानीताल-कोहली के बीच बन रहे पुलों का काम अंतिम चरण में, फोरलेन के बाद 60 किलोमीटर कम होगी कांगड़ा-शिमला की दूरी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — हमीरपुर
हिमाचल की लाइफ लाइन कहे जाने वाले कांगड़ा-शिमला फोरलेन के लगभग दो पैकेज का काम सितंबर में पूरा हो जाएगा। हालांकि भूगोलिक कारणों के चलते यह काम करीब एक साल लेट हुआ है, लेकिन नेशनल हाई-वे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) ने निर्माणाधीन कंपनी को सितंबर तक काम को पूरा करने का टारगेट दे रखा है। माना जा रहा है कि हमीरपुर (कोहली) से कांगड़ा तक 62 किलोमीटर का हाई-वे अगले करीब चार महीने में पूरी तरह से कंप्लीट हो जाएगा और इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। रानीताल तक काम लगभग मुक्कमल हो चुका है और उसके आगे हल्का-फुल्का काम बचता है। ज्वालामुखी से आगे पुलों का निर्माण अंतिम चरण में चल रहा है। सबसे ज्यादा महत्त्वपूर्ण कोहली चीलवाहल तक 17 किलोमीटर का हिस्सा है जोकि अभी पूर्ण रूप से बंद है। नेरी से तीन किलोमीटर दूर एक पुल का निर्माण मुकम्मल हो गया है, जबकि दूसरे का काम करीब एक महीने में पूरा होने की बात कही जा रही है। इसी रोड पर एक फ्लाईओवर भी बन रहा है, उसका काम भी जारी है। हमीरपुर में हथली खड्ड पुल पर पिल्लर का काम पूरा हो गया है, लेकिन इसके ऊपर स्पैन लोहे का बनाया जा रहा है, जिसे अगले डेढ़ माह में पूरा करने की बात कही जा रही है।
चीलबाहल से कोहली तक 17 किलोमीटर लंबे मार्ग का भीतरी ढांचा पूरा हो चुका है। उसकी टारिंग लगभग हो चुकी है। केवल मसियाना दे घाट के पास फ्लाईओवर का काम बचता है। मौजूदा समय में हमीरपुर के चीलबाहल से लेकर कांगड़ा तक बीच-बीच में हाई-वे को वाहनों के लिए खोला गया है। पांच पैकेज में बनने वाले शिमला-कांगड़ा फोरलेन का काम जोर-शोर से चला हुआ है। पैकेज पांच बी जोकि कांगड़ा से भंगवार तक 18 किलोमीटर का है उसका काम लगभग पूरा हो चुका है। भंगवार से आगे हमीरपुर के चीलबाहल तक जो 37 किलोमीटर का हाईवे है उसे भी सितंबर तक गो थ्रू कर दिया जाएगा। शिमला-कांगड़ा हाई-वे की वर्तमान दूरी जो 224 किलोमीटर के करीब बनती है, फोरलेन बन जाने के बाद 182 किलोमीटर रह जाएगी। ईं. राकेश कुमार यादव, प्रोजेक्ट डायरेक्टर शिमला-मटौर फोरलेन ने बताया कि कांगड़ा से भंगवार तक तो काम लगभग कंप्लीट हो गया है। भंगवार से आगे चीलबाहल तक सितंबर तक काम कंप्लीट करने का लक्ष्य रखा है। बरसात के बाद वाहन चालक कांगड़ा से चीलबाहल तक फोरलेन में गाड़ी चलाने का आनंद उठा सकेंगे।
घोषणा के सात साल बाद शुरू हुआ काम
एनएच शिमला-कांगड़ा को वर्ष 2016 में फोरलेन बनाने की घोषणा तत्कालीन व वर्तमान केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने की थी। 224 किलोमीटर लंबे शिमला-कांगड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन में कंवर्ट करने के लिए सर्वे मार्च, 2017 मेें शुरू हुआ था। दिसंबर 2019 तक चले इस फोरलेन के सर्वे को लेकर सवाल उठते रहे। दिसंबर, 2022 पर धरातल पर कुछ ऐसा नजर नहीं आया केवल यह हाई-वे कागजों में ही बनता रहा। 2023 के बाद काम ने जो र$फ्तार पकड़ी है, उसे देखकर लगा रहा है कि तीन वर्षों में यह पूरी तरह कंप्लीट हो जाएगा।
हमीरपुर में कोहली से आगे हाई-वे का स्टेटस
हमीरपुर के कोहली से आगे जिला बिलासपुर के भगेड़ तक 36 किलोमीटर का जो हाई-वे बनना है उसका काम अभी शुरू नहीं हुआ है। भगेड़ से आगे नौणीचौक तक 15 किलोमीटर का फोरलेन कंप्लीट हो चुका है। दरअसल यह कीरतपुर-नेरचौक में आता है जोकि वाहनों के लिए खुला हुआ है। जबकि नौणीचौक से भराड़ीघाट तक साढ़े 17 किलोमीटर और भराड़ीघाट से शिमला तक लगभग 40 किलोमीटर फोरलेन का काम भी शुरू हो चुका है।
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