पठानकोट-जोगिंदर नगर रेल लाइन होगी ब्रॉडगेज, उत्तर रेलवे ने शुरू किया ट्रैफिक स्टडी सर्वे
उत्तर रेलवे ने निजी कंसल्टेंट कंपनी को सौंपी जिम्मेदारी
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश की जीवनरेखा और सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्त्वपूर्ण पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे लाइन को नैरोगेज से ब्रॉडगेज में बदलने की दिशा में केंद्र सरकार और रेल मंत्रालय ने एक और बड़ा और ठोस कदम आगे बढ़ाया है।
रेल मंत्रालय द्वारा इस रेल मार्ग के लिए स्वीकृत फाइनल लोकेशन सर्वे और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के कार्य के अंतर्गत अब इस पूरे कॉरिडोर पर ट्रैफिक स्टडी (यातायात अध्ययन) की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू कर दी गई है। उत्तर रेलवे वर्तमान में इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट को अंतिम रूप देने में जुटा है, जिसके लिए फील्ड स्तर पर सर्वेक्षण और डेटा संग्रह का काम शुरू हो गया है। इस 200 किलोमीटर लंबे रेल मार्ग के गेज परिवर्तन के लिए रेल मंत्रालय और रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत फाइनल लोकेशन सर्वे को गति दी जा रही है। यह स्टडी इसी बात का आधार बनेगी कि ब्रॉडगेज बनने के बाद इस लाइन से रेलवे और देश को कितना आर्थिक लाभ होगा।
कंपनी ने तैनात की विशेष टीमें
इस महा-परियोजना की डीपीआर, ट्रैफिक स्टडी, ईआईआरआर और एफआईआरआर रिपोर्ट तैयार करने के लिए उत्तर रेलवे द्वारा एक निजी कंसलटेंट कंपनी मैसर्स एलएन मालवीय इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासनिक स्तर पर हरी झंडी मिलने के बाद कंसलटेंट कंपनी ने कांगड़ा घाटी और पठानकोट से लेकर जोगिंद्रनगर तक टीमें तैनात कर दी हैं।
वैज्ञानिक तरीके से लेंगे डाटा
ऋतिक राज, अमित कुमार, श्रीकांत सिंह रावत और आशुतोष कुमार जैसे विशेषज्ञ कर्मी प्राधिकार पत्रों के साथ क्षेत्र का दौरा कर रहे हैं। ये टीमें पूरे रेल कॉरिडोर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वैज्ञानिक और सांख्यिकीय तरीके से डेटा एकत्र करने का काम कर रही हैं।
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