अमरीका-ईरान 19 जून को स्विट्जरलैंड में करेंगे MoU साइन, 14 सूत्रीय मसौदा जारी
न्यूयॉर्क। ब्लूमबर्ग ने अमरीका और ईरान के बीच एक 14 सूत्रीय मसौदा ज्ञापन जारी किया है जिसके तहत दोनों पक्ष 19 जून को स्विट्जरलैंड में आधिकारिक तौर पर एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने वाले हैं। मसौदे के अनुसार, इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के साथ ही ईरान-अमेरिका, वर्तमान युद्ध में शामिल अपने सहयोगियों के साथ लेबनान सहित सभी मोर्चों पर तत्काल और स्थाई रूप से युद्ध समाप्त करने की घोषणा करते हैं। इसके साथ ही वे अब एक-दूसरे के खिलाफ कोई भी शत्रुतापूर्ण कार्रवाई न करने का संकल्प लेते हैं।
इसमें कहा गया है कि ईरान-अमरीका एक-दूसरे की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने तथा एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप न करने का संकल्प लेते हैं। मसौदे के मुताबिक, ईरान-अमेरिका बातचीत करने तथा अधिकतम 60 दिनों की अवधि के भीतर अंतिम समझौते पर पहुंचने की प्रतिबद्धता जताते हैं, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद, अमरीका नौसैनिक नाकेबंदी हटा लेगा और अधिकतम 30 दिनों के भीतर जलीय यातायात को उसकी पूरी क्षमता के साथ बहाल कर देगा।
इसमें यह भी कहा गया है कि अमरीका अंतिम समझौते के बाद 30 दिनों के भीतर आसपास के क्षेत्रों से अपनी सेना वापस बुलाने की भी प्रतिबद्धता व्यक्त करता है। मसौदे में यह भी कहा गया है कि ईरान फारस की खाड़ी से ओमान की खाड़ी तक और इसके विपरीत, व्यापारिक जहाजों की आवाजाही को 30 दिनों के भीतर युद्ध-पूर्व के स्तर पर बहाल करना सुनिश्चित करने के लिए तुरंत कदम उठाएगा। अमरीका अपने क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर, ईरान के पुनर्वास और आर्थिक विकास के लिए दोनों पक्षों की ओर से सहमत एक व्यापक योजना बनाने का संकल्प लेता है, साथ ही इसके लिए कम से कम 300 अरब अमेरिकी डॉलर का वित्तपोषण सुनिश्चित करता है।
इसमें कहा गया है कि अमेरिका, अंतिम समझौते के हिस्से के रूप में तय होने वाली समय-सारिणी के अनुसार, वर्तमान में ईरान पर लगे सभी प्रकार के प्रतिबंधों को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें प्राथमिक और द्वितीयक दोनों तरह के सभी एकपक्षीय अमेरिकी प्रतिबंध शामिल हैं। मसौदे में ईरान इस बात को दोहराता है कि वह कभी भी परमाणु हथियार नहीं बनायेगा। ईरान-अमेरिका इस बात पर सहमत हुए हैं कि संवर्धित सामग्री के भविष्य और परमाणु मसले से जुड़े अन्य सभी आपसी सहमति वाले मुद्दों, जिसमें ईरान की परमाणु जरूरतें भी शामिल हैं, को अंतिम समझौते में उचित रूप से संबोधित किया जायेगा। मसौदे के अनुसार, ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम पर यथास्थिति बनाये रखेगा और अमेरिका ईरान पर नये प्रतिबंध नहीं लगायेगा और न ही क्षेत्र में अपनी सेना की संख्या में वृद्धि करेगा।
मसौदे में कहा गया है कि अमेरिका यह संकल्प लेता है कि इस एमओयू पर हस्ताक्षर होने के तुरंत बाद और प्रतिबंध हटाये जाने की तारीख तक, अमेरिकी वित्त मंत्रालय ईरानी कच्चे तेल, पेट्रोकेमिकल उत्पादों और उनके उत्पाद के निर्यात के लिए छूट जारी करेगा। इसमें कहा गया है कि अमेरिका यह प्रतिबद्धता जताता है कि अंतिम समझौते की दिशा में बातचीत की प्रगति के मद्देनजर ईरान के फ्रीज या प्रतिबंधित किये गये फंड और संपत्तियों को मुक्त कर दिया जायेगा और उन्हें पूरी तरह से उपलब्ध कराया जायेगा।
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