अमरीका-ईरान समझौते का स्वागत, दुनिया भर के नेताओं ने किया समर्थन, इजरायल ने कहा, समझौता हमारे लिए बाधा नहीं

By: Jun 16th, 2026 12:06 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

अमरीकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा अमरीका और ईरान के बीच शांति समझौते की घोषणा किए जाने के बाद दुनिया भर के नेताओं ने इसका स्वागत किया है। कई देशों ने इसे एक बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया है, जो पश्चिम एशिया में स्थिरता बहाल करने, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने और क्षेत्र में महीनों से जारी संघर्ष के कारण पैदा हुए आर्थिक दबाव को कम करने में मददगार साबित हो सकती है। यह समझौता पाकिस्तान की अगवाई में हुई मध्यस्थता और कई दौर की बातचीत के बाद सामने आया है। कतर, तुर्किये, ब्रिटेन, जर्मनी और फ्रांस समेत कई देशों ने दोनों पक्षों से समझौते को पूरी तरह लागू करने और संवाद के जरिए स्थायी शांति की दिशा में आगे बढऩे की अपील की है।

इस प्रस्तावित डील पर 19 जून को हस्ताक्षर किए जा सकते हैं. पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि स्विट्जरलैंड में इसकी औपचारिकता पूरी की जाएगी। इस शांति समझौते को पूरा करवाने के लिए उन्होंने कतर, सऊदी अरब और तुर्किये को धन्यवाद किया। वहीं ईरान ने भी शुक्रवार को इस डील पर साइन करने की बात को कन्फर्म कर दिया है। ईरान के कानूनी और अंतरराष्ट्रीय मामलों के उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने कहा कि समझौते पर आधिकारिक हस्ताक्षर शुक्रवार को किए जाएंगे।

कतर ने कहा, स्थायी शांति की दिशा में अहम कदम

कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान बिन जासिम अल थानी ने अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि हम संयुक्त राज्य अमरीका और इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के बीच हुए समझौता ज्ञापन का स्वागत करते हैं।’ उन्होंने उम्मीद जताई कि आगे की वार्ताएं सकारात्मक और रचनात्मक माहौल में आगे बढ़ेंगी।

एर्दोआन बोले, लंबे समय से था खबर का इंतजार

तुर्किये के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोआन ने इस समझौते को क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित करने की दिशा में महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम बताया। उन्होंने कहा कि ‘मैं दिल से उम्मीद करता हूं कि यह खबर, जिसका पूरी दुनिया लंबे समय से इंतजार कर रही थी, हमारे क्षेत्र में स्थायी शांति और सुरक्षा का माहौल बनाने का रास्ता खोलेगी।’ एर्दोआन ने सभी पक्षों को उकसावे वाली गतिविधियों से बचने की सलाह दी और कूटनीतिक प्रयासों में योगदान देने के लिए सहयोगी देशों का आभार व्यक्त किया।

जर्मनी ने बताया वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सकारात्मक संकेत

जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने समझौते का स्वागत करते हुए इसे दूरगामी प्रभाव वाला कूटनीतिक समाधान बताया। उन्होंने कहा कि मैं अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत करता हूं और राष्ट्रपति ट्रंप तथा ईरानी पक्ष को इस कूटनीतिक सफलता के लिए बधाई देता हूं। यह वैश्विक अर्थव्यवस्था को नई गति देने और पश्चिम एशिया को अधिक सुरक्षित बनाने का मार्ग प्रशस्त कर सकता है।

अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद करेगा इजरायल

इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-गवीर ने साफ शब्दों में कहा है कि ट्रंप की मध्यस्थता से तैयार हुआ यह समझौता इजरायल पर लागू नहीं होता। उन्होंने कहा कि इजरायल एक स्वतंत्र और संप्रभु राष्ट्र है तथा वह अपनी सुरक्षा से जुड़े फैसले खुद करेगा। बेन-गवीर ने कहा कि इजरायल इस समझौते का हिस्सा नहीं है और इसलिए यह उस पर किसी भी रूप में बाध्यकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि इजरायल अमरीका का सम्मान करता है और राष्ट्रपति ट्रंप का आभारी है, लेकिन राष्ट्रीय सुरक्षा के मामलों में कोई भी बाहरी समझौता उसके निर्णयों को नियंत्रित नहीं कर सकता।

ब्रिटेन ने युद्ध समाप्ति की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने इस समझौते को युद्ध समाप्त करने, क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में बेहद महत्त्वपूर्ण कदम बताया। स्टार्मर ने कहा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप और पाकिस्तान, कतर समेत उन सभी मध्यस्थों को बधाई देता हूं, जिन्होंने इस महत्त्वपूर्ण सफलता में योगदान दिया।’ उन्होंने जोर देकर कहा कि समझौता ज्ञापन को पूरी तरह लागू किया जाना चाहिए और ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाना चाहिए। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि यूनाइटेड किंगडम तकनीकी वार्ताओं और समुद्री सुरक्षा अभियानों में सहयोग देने के लिए तैयार है। इसमें अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ मिलकर समुद्री मार्गों से बारूदी सुरंगों को हटाने जैसे प्रयास भी शामिल हैं।

फ्रांस ने बिना देरी होर्मुज स्ट्रेट खोलने पर दिया जोर

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने समझौते को जल्द से जल्द लागू करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि इसका सबसे महत्त्वपूर्ण परिणाम होर्मुज जलडमरूमध्य का बिना किसी शर्त के दोबारा खुलना होना चाहिए। मैक्रों ने कहा कि यह समझौता होर्मुज जलडमरूमध्य को तत्काल और बिना किसी शर्त के खोलने में सक्षम होना चाहिए।’ उन्होंने बताया कि फ्रांस और ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय समुद्री यातायात को सामान्य बनाने के प्रयासों में सहयोग देने के लिए तैयार हैं। मैक्रों ने यह भी कहा कि इस समझौते के बाद ईरान के परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रमों के साथ-साथ क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े व्यापक मुद्दों पर भी आगे बातचीत होनी चाहिए।


Keep watching our YouTube Channel ‘Divya Himachal TV’. Also,  Download our Android App or iOS App