Himachal News : राजधानी की यातायात व्यवस्था सुधारेगा 2200 करोड़ का प्रोजेक्ट
एडीबी की मदद से बनाई जाएंगी सडक़ें, फ्लाईओवर और सुरंगें
वरिष्ठ संवाददाता — शिमला
पहाड़ों की रानी शिमला में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए 2200 करोड़ रुपए की लागत से वैकल्पिक सडक़ें, फ्लाईओवर और टनल आदि बनाए जाएंगे। इसके लिए प्रदेश सरकार ने प्रोजेक्ट तैयार कर लिया है। प्रोजेक्ट की फंडिंग एशियन डिवेलपमेंट बैंक (एडीबी) के माध्यम से की जाएगी। शहर में प्रस्तावित दो महत्त्वपूर्ण सुरंग निर्माण परियोजनाओं को लेकर पहली स्टेक होल्डर्स कंसल्टेशन मीटिंग के दौरान हिमाचल प्रदेश रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीआरआईडीसी) ने दी है। बैठक में शिमला शहर में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और बढ़ते ट्रैफिक दबाव को कम करने के उद्देश्य से प्रस्तावित दो सुरंगों के निर्माण पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रस्तावित परियोजनाओं में आईजीएमसी जंक्शन से सेंट बीड्स कॉलेज के समीप आईपीएच पंप हाउस तक सुरंग तथा एचपी पीडब्ल्यूडी हट्स (हिमफेड पेट्रोल पंप के समीप) से निगम विहार (डाकघर के नीचे) तक दूसरी सुरंग का निर्माण शामिल है।
बैठक में स्थानीय विधायक हरीश जनार्था ने कहा कि टॉलैंड से आईजीएमसी टनल निर्माण के माध्यम से हाईवे तक जोडऩे की दिशा में कार्य करना होगा। उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश रोड एंड इफ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की टीम टनल को फोरलेन से जोडऩे के लिए स्टडी जल्दी करवाए, ताकि ये देखा जा सके कि टनल निर्माण के लिए फिजिबिलिटी स्टेट्स क्या है। अधिकारियों ने कहा कि प्राप्त सुझावों का परियोजना की डीपीआर में यथासंभव शामिल किया जाएगा। इस मौके पर महापौर सुरेंद्र चौहान, उप महापौर उमा कौशल, डीएसपी वरुण पटियाल, पार्षद ममता चंदेल, पार्षद मीनू चौहान, पार्षद आलोक पठानिया सहित अन्य हितधारक मौजूद रहे।
शहर के इन स्थानों पर हुआ सर्वे
हिमाचल प्रदेश रोड एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड की ओर से विक्ट्री टनल, टॉलैंड जंक्शन, छोटा शिमला, शिमला बाइपास, कुफरी रोड और आईजीएमसी जंक्शन में सर्वे किया गया है। इसमें संजोली जंक्शन से रोजाना 27266 वाहन, छोटा शिमला 24,967 और विक्ट्री टनल पर 37,734 वाहन प्रतिदिन आते हैं। इस योजना के लिए ड्रोन से सर्वे किया गया है। शहर में सुबह-शाम किन स्थानों पर ज्यादा जाम लगता है, इसे भी चेक किया गया है।
प्रोजेक्ट के तहत शहर में प्रस्तावित काम
एशियन विकास बैंक द्वारा वित्तपोषित स्ट्राइड परियोजना के तहत शिमला शहर के लिए सात प्रमुख अवसंरचना परियोजनाएं प्रस्तावित हैं। इनमें आईजीएमसी टनल के अतिरिक्त चक्कर बाईपास एवं एमएलए क्रॉसिंग पर वायाडक्ट, रेलवे पार्किंग से होटल होलीडे होम तक केबल-स्टे ब्रिज, विक्ट्री टनल जंक्शन पर वायाडक्ट, मंजीयाठ में एंबुलेस रोड, मेहली-प्रीत नगर से लवासा चौकी सडक़ उन्नयन तथा शहर में पैदल यात्री सुविधाओं का विकास शामिल है। इन परियोजनाओं पर लगभग 2,200 करोड़ का निवेश प्रस्तावित है।
टनल बनने से कम होगा शहर का जाम
आईजीएमसी टनल परियोजना के अंतर्गत लगभग 1.45 किलोमीटर लंबाई (910 मीटर एवं 540 मीटर) की दो सुरंगों का निर्माण प्रस्तावित है। डीपीआर के अंतर्गत किए गए यातायात अध्ययन के अनुसार वर्ष 2032 तक परियोजना के पूर्ण होने पर आईजीएमसी जंक्शन से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 27 प्रतिशत तथा नवबहार से संजौली चौक मार्ग पर लगभग 36 प्रतिशत तक यातायात कम होने की संभावना है। इससे यात्रियों को आवागमन में सुविधा, समय की बचत तथा शहर में बेहतर यातायात प्रबंधन सुनिश्चित होगा। राज्य सरकार द्वारा तैयार प्रोजेक्ट में रेलवे पार्किंग से होटल हॉलीडे होम तक केबल स्टे ब्रिज भी प्रस्तावित है।
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