आपदा के समय रक्षक बनेगा मोबाइल ऐप, रियल टाइम रिपोर्टिंग-अर्ली वार्निंग से बचाई जा सकेंगी अनमोल जिंदगियां
प्रदेश में रियल टाइम रिपोर्टिंग-अर्ली वार्निंग से बचाई जा सकेंगी अनमोल जिंदगियां
नगर संवाददाता — धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश में वर्ष 2023 के बाद से प्राकृतिक आपदाओं की बढ़ती आवृत्ति और संवेदनशीलता को देखते हुए राज्य सरकार ने आपदा प्रबंधन और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को अधिक सशक्त, आधुनिक और जन-केंद्रित बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल की है। हिमाचल प्रदेश सरकार के राजस्व (आपदा प्रबंधन) विभाग और हिमाचल प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एचपीएसडीएमस) ने आर्यभट्ट जियो-इन्फॉर्मेटिक्स एंड स्पेस एप्लीकेशन सेंटर के सहयोग से आपदा रक्षक मोबाइल एप्लिकेशन और एकीकृत निर्णय सहायता प्रणाली (डिसीज़न सपोर्ट सिस्टम) विकसित की है।
राज्य स्तर पर अनिवार्य इंस्टॉलेशन के निर्देश
अतिरिक्त मुख्य सचिव (राजस्व) तथा राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के निर्देशों के तहत प्रदेश के सभी प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, बोर्डों/निगमों के प्रमुखों, समस्त जिला उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों, मुख्य चिकित्सा अधिकारियों, नगर निगम आयुक्तों और स्थानीय निकायों के कार्यकारी अधिकारियों को निर्देश जारी किए गए हैं। समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों के लिए ऐप डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है।
आपदा-प्रतिरोधी हिमाचल निर्माण में अहम भूमिका
आपदा रक्षक ऐप केवल आपातकालीन रिस्पांस तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य के दीर्घकालिक आपदा जोखिम न्यूनीकरण में दूरगामी भूमिका निभाएगा। एकत्रित आंकड़ों के आधार पर एचपीएसडीएमए राज्यभर में संवेदनशील ब्लैक स्पॉट्स और भूस्खलन/बाढ़ क्षेत्रों का वैज्ञानिक विश्लेषण करेगा। आगामी दिनों में इस प्लेटफॉर्म पर पर्यटक पंजीकरण और ट्रैकिंग मॉड्यूल जैसी अतिरिक्त सुविधाएं भी जोड़ी जाएंगी।
आपदा रक्षक ऐप में होंगे दो लॉग-इन इंटरफेस
ऑफिशियल लॉग इन: पुलिस, अग्निशमन सेवा, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, मैदानी राजस्व अधिकारियों और अधिकृत आपातकालीन रिस्पॉन्डर्स के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। इस लॉगिन के जरिए अधिकारी मानव हानि, घायलों की संख्या, बुनियादी ढांचे (लोक निर्माण विभाग, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा, जल शक्ति), निजी संपत्तियों और फसलों को हुए आर्थिक नुकसान का सटीक एवं वास्तविक आंकड़ा दर्ज करेंगे।
सिटीजन लॉग इन: अन्य समस्त सरकारी अधिकारियों, कर्मचारियों, स्थानीय नागरिकों, पर्यटकों, स्वयंसेवकों, गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ), स्वयं सहायता समूहों और वाहन चालकों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसके माध्यम से आम जनता अपने आसपास घटित होने वाली किसी भी बड़ी दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा की तुरंत रिपोर्ट कर सकेगी।
इस एप्लिकेशन में जिओ-टैग्ड रिपोर्टिंग की अत्याधुनिक सुविधा दी गई है। इसके तहत दुर्घटना या आपदा स्थल की सटीक लोकेशन (अक्षांश और देशांतर), लाइव फोटो तथा अधिकतम 20 सेकंड की संक्षिप्त वीडियो क्लिप अपलोड की जा सकती है। यदि रिपोर्टर दुर्घटना स्थल पर मौजूद नहीं है, तो वह ऐप में दिए गए मैप के माध्यम से भी सटीक लोकेशन का चयन कर सकता है।
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