कंपनी प्रबंधन के खिलाफ केस
आठ घंटे बाद आग पर पाया काबू, दो कर्मचारी झुलसे, दो करोड़ की संपत्ति राख
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बद्दी
औद्योगिक क्षेत्र बद्दी के तहत काठा स्थित एक फार्मा यूनिट में हुए भीषण अग्निकांड के मामले में पुलिस ने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। करीब आठ घंटे तक चले राहत एवं बचाव अभियान के बाद शनिवार तडक़े आग पर काबू पाया जा सका। हादसे में दो कर्मचारी झुलस गए, जबकि प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति जलकर नष्ट हो गई। वहीं अग्निशमन विभाग की त्वरित कार्रवाई से लगभग 10 करोड़ रुपए की संपत्ति को आग की चपेट में आने से बचा लिया गया। बता दें कि शुक्रवार शाम करीब चार बजे आई ड्रॉप निर्माण सेक्शन में लगी आग ने कुछ ही मिनटों में विकराल रूप धारण कर पूरे यूनिट को अपनी चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग हरकत में आया और शाम 4:05 बजे फायर कॉल प्राप्त होते ही पहली टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दी गई। करीब 14 मिनट में दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए, लेकिन तब तक आग तेजी से फैल चुकी थी। आग की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त दमकल वाहनों को भी बुलाया गया। राहत एवं बचाव अभियान में कुल छह दमकल वाहन और 21 अग्निशमन कर्मियों ने लगातार मोर्चा संभाला। पूरी रात चले अभियान के बाद शनिवार तडक़े आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाया जा सका।
दमकल कर्मियों ने आग को यूनिट के अन्य हिस्सों और आसपास की औद्योगिक इकाइयों तक फैलने से रोकते हुए बड़े नुकसान को टाल दिया। अग्निशमन विभाग के लिए सबसे बड़ी चुनौती यूनिट का फायर हाइड्रेंट सिस्टम बंद मिलना रहा। यदि यह प्रणाली सुचारु रूप से कार्य कर रही होती तो शुरुआती चरण में ही आग पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता था। इसके बावजूद दमकल कर्मियों ने लगातार पानी की बौछार कर आग को नियंत्रित किया और स्थिति को और गंभीर होने से बचाया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार आग में आई ड्रॉप निर्माण सेक्शन की मशीनरी, उत्पादन उपकरण, कच्चा एवं तैयार माल, पैकेजिंग सामग्री तथा अन्य संसाधन जलकर नष्ट हो गए। आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। संयुक्त निरीक्षण और तकनीकी जांच के बाद ही नुकसान का अंतिम आकलन और आग के कारणों की स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। हादसे में यूनिट में कार्यरत अभिषेक पुत्र मदन, निवासी लोहरड़ा (जिला कांगड़ा) करीब 55 प्रतिशत तथा सुमित पुत्र रमेश निवासी कलेड़ा (जिला कांगड़ा) करीब 20 प्रतिशत झुलस गए थे, दोनों का चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित अस्पताल में उपचार जारी है।
दमकल की तत्परता से 10 करोड़ की संपत्ति बची
होमगार्ड के कमांडेंट संतोष शर्मा ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही छह दमकल वाहनों और 21 अग्निशमन कर्मियों को मौके पर भेजा गया। पूरी रात चले अभियान के बाद आग पर सफलतापूर्वक काबू पा लिया गया। प्रारंभिक आकलन के अनुसार करीब दो करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ है, जबकि लगभग 10 करोड़ रुपए की संपत्ति को सुरक्षित बचा लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच की
जा रही है।
लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज
अग्निकांड के बाद पुलिस ने फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही के आरोप में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आग लगने के कारणोंए यूनिट में उपलब्ध अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा मानकों के पालन सहित सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक वर्मा ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि काठा स्थित फार्मा यूनिट में आग लगने के मामले में फैक्टरी प्रबंधन के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच जारी है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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