फ्रांसबीन के दाम गिरने से मायूसी
गिरिपार के सब्जी उत्पादकों की बढ़ी चिंता, गोभी के अच्छे रेट मिलने से राहत
निजी संवाददाता-नौहराधार
गिरिपार क्षेत्र के सब्जी उत्पादक किसानों को इस बार फ्रांसबीन की फसल से अपेक्षित आय नहीं मिल रही है। मंडियों में फ्रांसबीन के दाम लगातार गिरने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हालांकि गोभी के अच्छे भाव मिलने से उन्हें कुछ राहत जरूर मिली है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि बदलते बाजार में पारंपरिक खेती के बजाय उन्नत किस्मों और आधुनिक तकनीकों को अपनाना समय की मांग है। जानकारी के अनुसार मंडियों में अंतिम तुड़ान की पुरानी, मुड़ी हुई और कीटग्रस्त फ्रांसबीन अधिक मात्रा में पहुंचने से पूरे बाजार का भाव प्रभावित हुआ है। इसका असर अच्छी गुणवत्ता वाली ताजा फ्रांसबीन पर भी पड़ा है। वर्तमान में सामान्य फ्रांसबीन लगभग 15 रुपए प्रति किलो बिक रही है, जबकि बेहतर गुणवत्ता वाली का अधिकतम भाव 38 रुपए प्रति किलो तक ही पहुंच पा रहा है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान बाजार की मांग के अनुरूप उन्नत किस्मों और आधुनिक खेती तकनीकों को अपनाएं तो बेहतर गुणवत्ता के साथ अधिक उत्पादन और अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। उनका कहना है कि खराब गुणवत्ता वाली उपज पूरे क्षेत्र की फसल के बाजार मूल्य को प्रभावित करती है।
किसान मदन राणा ने बताया कि इस बार मंडियों में खराब गुणवत्ता की बींस अधिक पहुंचने के कारण दाम लगातार नीचे आए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पोल बीन की खेती किसानों के लिए लाभकारी विकल्प साबित हो सकती है। सामान्य फ्रांसबीन की तुलना में पोल बीन में केवल एक से डेढ़ किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती हैए जबकि पारंपरिक फ्रांसबीन में पांच से सात किलोग्राम बीज लगता है। इसके अलावा पोल बीन में 10 से 12 तुड़ान होती हैं और इसकी गुणवत्ता बेहतर होने के कारण किसानों को अधिक उत्पादन के साथ अच्छे दाम मिलने की संभावना रहती है। पहाड़ी क्षेत्रों में बदलते बाजार और बढ़ती खेती लागत के बीच अब फसल का सही चयन किसानों की आय तय करेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसान समय रहते आधुनिक तकनीक और उन्नत किस्मों को अपनाते हैं तो वे बाजार की अनिश्चितता का बेहतर ढंग से सामना कर सकेंगे। फिलहाल गोभी के अच्छे दाम किसानों के लिए राहत का कारण बने हुए हैं।
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