1 दिन बाद होने जा रहे हैं 5 बड़े बदलाव, आपकी जेब पर पड़ेगा असर, छोटी सी भूल, बिगाड़ सकती है आपका बजट
बस एक दिन बाद अगस्त महीने की शुरुआत होने जा रही है। नए महीने के साथ सिर्फ कैलेंडर की तारीख नहीं बदलेगी, बल्कि कई ऐसे नए नियम भी लागू होंगे जिनका सीधा असर आपकी जेब, बैंकिंग, टैक्स, यात्रा और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। कुछ बदलाव राहत देंगे, तो कुछ आपकी जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा सकते हैं। ऐसे में खास खबर में आज बात करते हैं कि 1 अगस्त से क्या-क्या बदलने वाला है। सबसे पहला बदलाव आयकर रिटर्न यानी ITR से जुड़ा है। अगर आपने अभी तक ITR दाखिल नहीं किया है, तो अब देरी करना भारी पड़ सकता है। सामान्य करदाताओं के लिए रिटर्न भरने की आखिरी तारीख 31 जुलाई है। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने पर लेट फीस, ब्याज और अन्य परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। वहीं ITR-3 और ITR-4 फॉर्म भरने वाले ऐसे करदाता, जिनके खातों का ऑडिट जरूरी नहीं है, उनके लिए आखिरी तारीख 31 अगस्त तय की गई है। इसके बाद रिटर्न दाखिल करने 5 हजार रुपये तक की लेट फीस देनी पड़ सकती है।
वहीं दूसरा बड़ा बदलाव रेलवे टिकट से जुड़ा हुआ है। 1 अगस्त से तत्काल टिकट बुकिंग के प्रोसेस में बदलाव होने जा रहा है। अब रेलवे रिजर्वेशन काउंटर से टोकन मिलेगा और फिर जब उनकी बारी आएगी तब टिकट बुक किया जाएगा। यानि कि टोकन का समय तत्काल टिकट बुकिंग शुरू होने के समय के साथ ही रखा गया है। माना जा रहा है कि इस बदलाब से काउंटर पर धक्का- मुक्की नहीं होगी, और यात्रियों का समय भी बचेगा। इससे पहले लोगों को टोकन लेने और फिर टिकट बुक कराने के लिए अलग-अलग समय पर काउंटर जाना पड़ता था तीसरी अहम जानकारी बैंकिंग से जुड़ी हुई है। अगस्त महीने के साथ ही भारतीय रिजर्व बैंक यानी RBI का नया बैंक हॉलिडे कैलेंडर लागू हो जाएगा। RBI के कैलेंडर के मुताबिक अगस्त 2026 में अलग-अलग राज्यों में बैंक कुल 14 दिन बंद रहेंगे। इनमें रविवार, दूसरे और चौथे शनिवार के अलावा स्वतंत्रता दिवस, रक्षाबंधन, जन्माष्टमी समेत कई क्षेत्रीय छुट्टियां शामिल हैं। ऐसे में अगर आपको बैंक शाखा में कोई जरूरी काम है तो छुट्टियों की सूची पहले ही देख लें। इसके अलावा कुछ बैंक सेवा शुल्क, फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा या अन्य नियमों में भी बदलाव कर सकते हैं। वहीं अगस्त में RBI की मौद्रिक नीति समिति यानी MPC की बैठक भी प्रस्तावित है, जिसमें रेपो रेट पर फैसला लिया जा सकता है। इस फैसले का असर होम लोन, कार लोन, EMI और FD की ब्याज दरों पर पड़ सकता है।
इसके अलावा चौथा बदलाव LPG सिलेंडर की कीमतों से जुड़ा है। हर महीने की पहली तारीख को तेल विपणन कंपनियां LPG सिलेंडर के नए दाम जारी करती हैं। इस वक्त अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी है, इसे देख कर ये कहा जा सकती है कि इस बार LPG की कीमतों में बदलाव संभव है। अगर कमर्शियल सिलेंडर महंगा होता है तो होटल, रेस्तरां और फूड बिजनेस की लागत बढ़ सकती है, जिसका असर बाहर खाने और फूड डिलीवरी की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है। वहीं अगर घरेलु सिलेंडर महंगा हुआ तो करोड़ों घरों की रसोई का बजट हिल जाएगा ।
पांचवां बड़ा बदलाव आधार और KYC से जुड़ा है। भारतीय बैंक और इंश्योरेंस कंपनियां अगस्त 2026 में एक कॉमन कस्टमर आइडेंटिफिकेशन सिस्टम को शुरू कर सकते हैं। इसमें एसेट मैनेजर भी शामिल होंगे। इस नए सिस्टम को सेंट्रल नो योर कस्टमर 2.0 यानी CKYC कहा जाएगा। इससे अकाउंट को ओपन करने और जानकारियों को अपडेट करने के समय, संस्थानों को सेंट्रल रजिस्ट्री में स्टोर डेटा हासिल करने में सिर्फ कस्टमर की सहमति की जरूरत होगी। इससे किसी भी तरह के धोखाधड़ी को रोकने में मदद मिलेगी। आसान भाषा में कहें तो CKYC मौजूदा सेंट्रल केवाईसी रजिस्ट्री का एक अपग्रेडेड और हाई-टेक वर्जन है। इसकी मदद से एक सुरक्षित सेंट्रल डेटाबेस से ग्राहकों की वेरिफाइड पहचान सीधे प्राप्त की जा सकेगी। इसके बाद आपको बार-बार डॉक्यूमेंट्स जमा कराने की जरूरत नहीं रहेगी। इस प्रोसेस में यूजर की सहमति की खासा भूमिका होगी और डेटा को एक्सेस करने से पहले यूजर के पास OTP आएगा।
कुल मिलाकर बात ये है कि अगर आपने अभी तक इन बदलावों पर ध्यान नहीं दिया है, तो 1 अगस्त से पहले जरूरी काम जरूर निपटा लें, ताकि नए नियमों का असर आपकी जेब और आपकी योजनाओं पर न पड़े।
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