धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक जारी रहेगा आंदोलन

By: Jul 23rd, 2026 12:01 am

नई दिल्ली : शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग को लेकर कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। उनके हाथों में ‘धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करो’ जैसे नारे लिखी तख्तियां भी थीं

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

कॉकरोच जनता पार्टी ने बुधवार को सरकार की तरफ से बातचीत की पेशकश ठुकरा दी। सीजेपी प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि वह बातचीत के लिए किसी के घर या दफ्तर नहीं जाएंगे। उन्होंने कहा कि अगर सरकार बातचीत करना चाहती है, तो जंतर-मंतर आए या उसके आसपास किसी जगह पर बैठक करे। उन्होंने कहा कि सरकार को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वह उनकी मांगों पर गंभीरता से बातचीत करना चाहती है। साथ ही उन्होंने कहा कि सिर्फ औपचारिक बातचीत के लिए बुलाने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि हजारों लोग अब भी आंदोलन में शामिल हैं। उन्होंने साफ कहा कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे तक आंदोलन खत्म नहीं होगा। उधर, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दिपके ने सोनम वांगचुक की हंगर स्ट्राइक को लेकर बुधवार को बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सोनम की भूख हड़ताल का 25वां दिन है और इतने दिनों तक बिना खाना खाए रहने से उनकी जान को गंभीर खतरा है। सोनम जी से अपील की है कि वे अपनी हंगर स्ट्राइक तोड़ दें। साथ ही उन्होंने साफ किया कि प्रोटेस्ट किसी भी हालत में रुकेगा नहीं। जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक वह और उनके समर्थक पीछे नहीं हटेंगे। दिपके ने यह भी भरोसा दिलाया कि यह प्रोटेस्ट पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से ही आगे बढ़ेगा। उधर नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़ेविपक्षी सदस्यों के हंगामे के कारण बुधवार को लगातार तीसरे दिन संसद की कार्यवाही ठप रही। मौजूदा मानसून सत्र में अब तक कोई कामकाज नहीं हो सका है।

विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक और उसके विरोध में आयोजित संसद मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर चर्चा और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे थे। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में कहा कि कांग्रेस को छोडक़र सभी प्रमुख दल सदन में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार हैं, सिर्फ कांग्रेस ही इसमें बाधा डाल रही है। श्री रिजिजू ने कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा कराने के लिए तैयार है। सभापति से बात कर समय तय किया जाएगा और कोई भी चर्चा नियमानुसार ही होगी। सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने संसदीय कार्य मंत्री की बातों से सहमति व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का लोकतंत्र में विश्वास ही नहीं है। सदन में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खडग़े ने कहा कि उनकी पार्टी भी चर्चा चाहती है, लेकिन पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। इसके बाद ही निष्पक्ष चर्चा हो सकती है। उधर, बुधवार शाम को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस में झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थरबाजी की, तो पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागकर स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की।

वांगचुक अनशन तोडऩे को तैयार, सरकार के सामने शर्त

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे सोनम वांगचुक शर्तों के साथ अपना अनशन तोडऩे के लिए तैयार हो गए हैं। श्री वांगचुक की शर्तों में प्रश्नपत्र लीक के कारण आत्महत्या करने वाले विद्यार्थियों के परिवारों को उचित मुआवजा देना तथा धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर विचार करते हुए संसद में सार्थक चर्चा कराना शामिल है। श्री वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि भूख हड़ताल वापस लेने से पहले एक और महत्त्वपूर्ण आश्वासन आवश्यक है। उन्होंने मांग की कि बच्चों के खिलाफ कोई एक्शन न हो। अगर सरकार भरोसा दिलाए, तो वह अनशन खत्म कर सकते हैं।


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