मासूम से दुष्कर्म; सौतेले पिता को 20 साल की सजा

By: Jul 3rd, 2026 12:46 am

पोक्सो कोर्ट का बड़ा फैसला, मां और नाना भी दोषी, मासूम से अपराध छिपाने वालों को भी नहीं मिली राहत
दिव्य हिमाचल ब्यूरो-धर्मशाला
रिश्तों को तार-तार कर देने वाले कांगड़ा जिले के एक रूह कंपा देने वाले मामले में, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (पोक्सो), धर्मशाला की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश विजय लक्ष्मी की अदालत ने ऐतिहासिक और कड़ा फैसला सुनाया है। अपनी ही सात साल की मासूम बच्ची के साथ जघन्य यौन अपराध करने वाले सौतेले पिता को 20 साल की कठोर कैद की सजा सुनाई गई है। इस घिनौने कृत्य को छिपाने, सबूत मिटाने और बच्ची को डराने के जुर्म में अदालत ने कलियुगी सगी मां और नाना को भी दोषी करार देते हुए कड़ी सजा दी है। यह झकझोर देने वाली घटना पांच सितंबर 2024 की है। वारदात के बाद बच्ची बुरी तरह डरी हुई थी और खून से लथपथ थी। आरोपी परिवार इस दरिंदगी की रिपोर्ट ही दर्ज नहीं कराना चाहता था। सच्चाई को छिपाने के लिए परिजनों ने एक खौफनाक साजिश रची। उन्होंने यह झूठी कहानी गढ़ी कि बच्ची पहाडिय़ा और पुठपैरी (उल्टे पैरों वाली बुरी आत्मा) के प्रभाव में आ गई है। मां सीमा देवी ने खून से सने कपड़े धोकर सबूत मिटा दिए। लेकिन जब बच्ची लगातार स्कूल से अनुपस्थित रही, तो स्कूल की शिक्षिकाओं ने सवाल-जवाब किए। शिक्षकों के दबाव में आकर ही परिवार ने भूत-प्रेत की झूठी कहानी पुलिस और स्कूल को बताई, जो बाद में उनके ही गले की फांस बन गई। पुलिस जांच के दौरान जब अधिकारी दिन में बच्ची की काउंसलिंग कर उसे सच बोलने के लिए तैयार करते थे, तो रात में मां उसे भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल करती थी।

मां के इस ब्रेनवॉश के कारण पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस ने घर पर पहरा भी लगाया, लेकिन परिवार का गुमराह करना जारी रहा। अंतत: एक अहम फैसला लेते हुए बच्ची को बाल कल्याण समिति के पास भेज दिया गया। वहां के सुरक्षित माहौल में कुछ समय बिताने के बाद बच्ची का डर खत्म हुआ और उसने अपने साथ हुई पूरी दरिंदगी की खौफनाक सच्चाई बयां कर दी। पुलिस और अदालत को गुमराह करने के लिए सौतेले पिता राजन कुमार ने बच्ची का एक झूठा वीडियो भी बनाया, जिसमें किसी अनजान पीले टी-शर्ट वाले लडक़े द्वारा घटना को अंजाम देने की बात कहलवाई गई। लेकिन डीएसपी निशा और आईओ उमा कुमारी की जांच में सीसीटीवी फुटेज, मेडिकल शॉप्स की पूछताछ और कॉल रिकॉर्ड्स ने इस थ्योरी की धज्जियां उड़ा दीं। सभी पुख्ता सबूतों, कॉल रिकॉर्ड्स और गवाहों के आधार पर अदालत ने 25 जून 2026 को अपना फैसला सुनाया। राजन कुमार सौतेला पिता को पोक्सो एक्ट के तहत 20 साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपए जुर्माना। बीएनएस के तहत 1 साल की अतिरिक्त कैद। मोहिंदर सिंह नाना को पोक्सो एक्ट और बीएनएस के तहत बच्ची को डराने-धमकाने और यौन अपराध के आरोप में तीन साल का कठोर कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना। सीमा देवी मां को सबूत मिटाने और अपनी ही बच्ची को धमकाने के जुर्म में एक-एक साल की सजा और 5,000 रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है।


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