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शराब पीकर गाड़ी चलाने में उस्ताद है सोलन, कांगड़ा जिला भी दूध का धुला नहीं

By: Jul 21st, 2026 5:39 pm

स्टाफ रिपोर्टर—शिमला

हिमाचल में शराब पीकर गाड़ी चलाना शान नहीं, बल्कि वह बुरी आदत बन गई है, जो किसी भी बेकसूर की जान चुटकियों में ले लेती है। यहां न तो तलवार और बंदूक जैसे हथियार होते हैं और न ही हॉकी या डंडा। यह वह चलता-फिरता वैपन है, जिसका स्टीयरिंग एक शराबी के हाथ में हैं और सडक़ पर गुजर रहे राहगीर को चींटी की तरह मसल देता है। बड़ी बात यह है कि सबसे ज्यादा शराबी चालक सोलन जिला में हैं, जबकि सबसे बड़ा जिला कांगड़ा इस मामले में दूसरे नंबर पर है। दुर्भाग्य की बात है कि पुलिस इन बिगड़ैल शराबी चालकों पर खूब शिकंजा कस रही है और मोटे चालान काटे जा रहे हैं। फिर भी यह शराबी चालक अपनी करतूतों से बाज नहीं आ रहे।

जानकारी के अनुसार छह महीनों की जो रिपोर्ट पुलिस ने जारी की है, उसने समस्त हिमाचल को चौंका दिया है। पुलिस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जनवरी से जून माह तक छह माह में ड्रंक एंड ड्राइव के 4974 चालान किए हैं। इनमें सबसे ज्यादा चालाना सोलन में हुए हैं, जिसका आंकड़ा 1174 है और 165 लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश पुलिस द्वारा की गई है। इसके बाद नंबर आता है हिमाचल के सबसे बड़े जिला कांगड़ा का। यहां छह महीने में 1116 चालान ड्रंक एंड ड्राइव के हुए हैं, जबकि 268 लाइसेंस रद्द करने की सिफारिश हुई है। हिमाचल पुलिस ने भी शराबी वाहन चालकों पर शिकंजा कस दिया है। शराब के नश में वाहन चलाने पर प्रदेश में जनवरी से जून तक छह माह में 2623 वाहन चालक गिरफ्तार किए हैं। इसके अलावा 80 वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। पुलिस ने प्रदेश में ड्रंक एंड ड्राइव के 4974 मामलों में 1258 वाहन चालकों के लाइसेंसों के निलंबन की सिफारिशें भेजी हंै। शराब के नशे में वाहन चलाने पर बद्दी में 16, चंबा में चार, हमीरपुर में छह, कांगड़ा में 44, मंडी में एक, शिमला में आठ और ऊना जिला में एक वाहन चालक का ड्राईविंग लाईसेंस सस्पेंड किया गया है।

2623 वाहन चालक गिरफ्तार

पुलिस ने प्रदेश के अलग-अलग जिलों में जनवरी से जून माह तक छह माह में ड्रंक एंड ड्राईव के 4974 चालान किए हैं। इसके अलावा शराब के नशे में वाहन चला रहे 2623 वाहन चालकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। प्रदेश में सडक़ सुरक्षा बढ़ाने के सक्रिय प्रयास में हिमाचल प्रदेश पुलिस सडक़ दुर्घटनाओं, उल्लंघनों, मौतों की निगरानी और प्रबंधन के लिए वास्तविक समय डेटा विश्लेषण का उपयोग कर रहा है। पुलिस की टीमें चौबीसों घंटे काम करती है, सडक़ दुर्घटनाओं के पैटर्न और कारणों की पहचान करने के लिए 24 घंटे सात दिन ट्रैफिक डेटा का विश्लेषण करती है।

नशे में ज्यादा सडक़ हादसे

पुलिस के विश्लेषणों में खुलासा हुआ है कि लापरवाही से गाड़ी चलाने, तेज गति से गाड़ी चलाने और नशे में गाड़ी चलाने के कारण काफी संख्या में दुर्घटनाएं हुई हैं। विभाग की ओर से प्रदेश के सभी जिला पुलिस अधीक्षकों के साथ-साथ टीटीआर यूनिट की कड़ी निगरानी में नशे में गाड़ी चलाने के खिलाफ प्रवर्तन तेज करने का निर्देश दिए गए हैं। डीआईजी टीटी संजीव गांधी ने बताया कि हिमाचल प्रदेश में जनवरी से जून माह तक विभिन्न निरीक्षणों के दौरान, नशे में गाड़ी चलाने के 4974 मामले पकड़े गए, जिसके कारण चालान जारी किए गए। इसके अलावा 1258 ड्राइविंग लाइसेंसों को निलंबित या रद्द करने की सिफारिशें क्षेत्रीय लाइसेंसिंग प्राधिकरण को भेजी हैं।

ड्रंक एंड ड्राइव के कहां, कितने चालान

पुलिस जिला                   चालान              लाइसेंस रद्द
बद्दी                                223                         76
बिलासपुर                       135                         12
चंबा                                103                         147
देहरा                               77                           06
हमीरपुर                         194                          64
कांगड़ा                           869                         212
किन्नौर                         30                           22
कुल्लू                             212                          10
लाहुल-स्पीति                205                          167
मंडी                               903                          230
नूरपुर                             170                          50
शिमला                          274                           77
सिरमौर                         298                           85
सोलन                           951                            89
ऊना                               330                           11

 


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