हिमाचल में छह दिन फिर भारी बारिश की चेतावनी, 23 जुलाई को 10 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी

By: Jul 22nd, 2026 7:51 pm

शिमला में हुआ भूस्खलन, राज्य के कई क्षेत्रों में 100 से ज्यादा सडक़ें बंद

कार्यालय संवाददाता-शिमला

हिमाचल प्रदेश में मॉनसून की सक्रियता से जमकर बादल बरस रहे हैं। राजधानी शिमला सहित कई इलाकों में बुधवार को भी रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी है। मौसम विभाग ने 28 जुलाई तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान कई स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना जताते हुए येलो अलर्ट जारी किया गया है। राहत की बात यह है कि फिलहाल रेड अलर्ट की चेतावनी नहीं है। 23 जुलाई को किन्नौर और लाहौल स्पीति को छोडकऱ शेष सभी 10 जिलों ने भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। 24 जुलाई को चम्बा, कांगड़ा और सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा। 25 जुलाई को 8 जि़लों शिमला, मंडी, कुल्लू, कांगड़ा, चम्बा बिलासपुर, हमीरपुर और ऊना में येलो अलर्ट जारी किया गया है। 26 जुलाई को ऊना, कांगड़ा, सोलन व सिरमौर में येलो अलर्ट रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार बीते 24 घंटों में सबसे अधिक बारिश शिमला जिले के मशोबरा में 120 मिलीमीटर दर्ज की गई। इसके अलावा बिलासपुर के नैना देवी में 110 मिलीमीटर, ऊना के नंगल डैम में 90 मिलीमीटर, बिलासपुर के मलराउंन में 80 मिलीमीटर, शिमला के कुफरी, शिमला शहर और सिरमौर के जतौंन बैरेज में 70 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। विभाग का कहना है कि अगले छह दिनों तक कई स्थानों पर भारी बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। लगातार बारिश के कारण प्रदेश में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भूस्खलन और मलबा आने से करीब 100 सडक़ें बंद हैं, जिनकी बहाली का काम जारी है। कई इलाकों में यातायात प्रभावित हुआ है और लोगों से केवल जरूरी होने पर ही यात्रा करने की अपील की गई है।

कांगड़ा में 18 मकान हुए ध्वस्त

कांगड़ा जिले की बोह घाटी में मंगलवार को बादल फटने से हुए नुकसान के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। बाढ़ और भूस्खलन से रूलेहड़, बंगार, गढग़ूंन और स्पैड़ा गांवों में 18 मकान, नौ गोशालाएं और एक प्राथमिक स्कूल मलबे में दब गए। तीन महिलाएं घायल हुई हैं और नौ मवेशियों की मौत हो गई। प्रशासन प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और नुकसान का आकलन करने में जुटा है। वहीं सिरमौर जिले में भी रुक-रुक कर बारिश होती रही। जिले में 17 सडक़ें और 23 पेयजल योजनाएं प्रभावित हैं। दो दिन बंद रहने के बाद आज से शिक्षण संस्थान फिर खुल रहे हैं। प्रशासन ने लोगों से मौसम को देखते हुए सतर्क रहने की अपील की है।

कुल्लू के तीन उपमंडलों में स्कूल बंद

कुल्लू जिले के आनी, बंजार और निरमंड उपमंडलों में लगातार बारिश, भूस्खलन और सडक़ें बंद होने के कारण जिला प्रशासन ने आज सभी सरकारी और निजी स्कूल, आंगनवाड़ी केंद्र, महाविद्यालय, आईटीआई तथा अन्य शिक्षण संस्थान बुधवार को बंद रहे। प्रशासन का कहना है कि विद्यार्थियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। मौसम विभाग और जिला प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा मौसम संबंधी सलाह का पालन करने की अपील की है।

—जय


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