छह साल में प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरों पर 557 करोड़ खर्च, केंद्र सरकार ने दी पाई-पाई की जानकारी
केंद्र सरकार ने राज्यसभा में दी पाई-पाई की जानकारी, आंकड़े में अभी और बढ़ोतरी की संभावना
दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरों पर कितना खर्च होता है, यह सवाल अक्सर राजनीतिक बहस का हिस्सा बनता है। अब सरकार ने राज्यसभा में प्रधानमंत्री के साल 2021 से 2026 (जुलाई तक) के सभी विदेश दौरों का पूरा हिसाब सार्वजनिक किया है। विदेश राज्य मंत्री शाबिस्ता पबित्र मार्घेरिटा ने राज्यसभा सांसद संजय सिंह और वी सदासन के सवाल के लिखित जवाब में बताया है कि किस साल किन देशों का दौरा हुआ, हर यात्रा पर कितना खर्च आया और उन दौरों के दौरान कितने अहम समझौते हुए। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, 2021 से अब तक पीएम मोदी की विदेश यात्राओं पर करीब 557 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। हालांकि सरकार ने यह भी साफ किया है कि कुछ यात्राओं के बिलों का भुगतान अभी बाकी है, इसलिए अंतिम रकम में आगे बदलाव हो सकता है। सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2021 में प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश, अमरीका, इटली और ब्रिटेन का दौरा किया। इन यात्राओं पर करीब 36.12 करोड़ रुपए खर्च हुए। सबसे ज्यादा खर्च 22-26 सितंबर की अमरीका यात्रा पर हुआ, जिस पर 19.63 करोड़ रुपए लगे। 2022 में पीएम जर्मनी, डेनमार्क, फ्रांस, नेपाल, जापान (दो बार), उज्बेकिस्तान, यूएई और इंडोनेशिया की यात्राओं पर गए, जहां पर कुल 55.83 करोड़ रुपए खर्च हुए। इस साल जर्मनी की जून यात्रा सबसे महंगी रही, जिस पर 14.47 करोड़ रुपए खर्च हुए।
2023 में प्रधानमंत्री जापान, आस्ट्रेलिया, पापुआ न्यू गिनी, अमरीका, मिस्र, फ्रांस, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, ग्रीस और इंडोनेशिया समेत कई देशों के दौरे पर गए। इन पर कुल 93.63 करोड़ रुपए खर्च हुए। सबसे ज्यादा खर्च अमरीका की जून यात्रा के दौरान 22.89 करोड़ रुपए रहा। इसी तरह 2024 में यूएई, कतर, भूटान, इटली, रूस, आस्ट्रिया, पोलैंड, यूक्रेन, ब्रूनेई, सिंगापुर, अमरीका, लाओस, नाइजीरिया, ब्राजील, गुयाना और कुवैत की पीएम की यात्राओं पर करीब 109.51 करोड़ रुपए खर्च हुए। रूस की दो यात्राओं पर मिलाकर 16 करोड़ रुपए से ज्यादा खर्च आया, जबकि सितंबर की अमरीका यात्रा पर 15.33 करोड़ रुपए खर्च हुए। 2025 में पीएम मोदी ने सबसे ज्यादा देशों का दौरा किया। फ्रांस, अमरीका, मॉरीशस, थाईलैंड, श्रीलंका, सऊदी अरब, कनाडा, ब्राजील, ब्रिटेन, मालदीव, चीन, जापान, दक्षिण अफ्रीका और कई अन्य देशों की यात्राओं पर कुल 187.83 करोड़ रुपए खर्च हुए।
यह अब तक का सबसे ज्यादा सालाना खर्च रहा। सबसे महंगी फ्रांस यात्रा रही, जिस पर 25.59 करोड़ रुपए खर्च हुए। इसके बाद 2026 में जुलाई तक प्रधानमंत्री की मलेशिया, इजरायल, यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे, इटली, स्लोवाकिया, सेशेल्स, इंडोनेशिया, आस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड की यात्राओं पर अब तक 74.59 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। सरकार ने कहा कि कुछ यात्राओं के बिल अभी बाकी हैं और फ्रांस की जून 2026 यात्रा का खर्च अभी जोड़ा नहीं गया है। सरकार के मुताबिक, प्रधानमंत्री की विदेश यात्राओं का मकसद दूसरे देशों के साथ रिश्ते मजबूत करना और व्यापार, निवेश, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा व इनोवेशन जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाना है। जुलाई 2021 से अब तक इन दौरों के दौरान सैकड़ों एमओयू पर हस्ताक्षर हुए हैं।
दौरों का ब्यौरा
वर्ष देश खर्च
2021 4 36.12 करोड़
2022 8 55.83 करोड़
2023 10 93.63 करोड़
2024 16 109.51 करोड़
2025 13 187.83 करोड़
2026 12 74.59 करोड़
(आंकड़े जुलाई 2026 तक हैं और इनमें कुछ खर्च अभी जोड़ा नहीं गया है)
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