सदन में स्वास्थ्य विभाग के काम पर मंथन
कार्यालय संवाददाता — शिमला
हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नियम-130 के तहत स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर चर्चा के दौरान भाजपा विधायक रणधीर शर्मा ने कहा कि भाजपा की चार्जशीट में 32 कांग्रेस नेताओं के नाम हैं। यदि सरकार इसकी जांच करा रही है, तो मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष विनय कुमार से जुड़े आरोपों की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति, हिमकेयर के लंबित भुगतान, रिक्त पदों और केंद्रीय धनराशि के उपयोग को लेकर सरकार को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग में रिक्त पद भरने के बजाय मेल और फीमेल हेल्थ वर्कर कैडर समाप्त किए जा रहे हैं।
तंबुओं पर खर्चे 20-20 करोड़
विधानसभा में स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा के दौरान राजस्व एवं बागबानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने पूर्व भाजपा सरकार पर स्वास्थ्य क्षेत्र की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेजों में 20-20 करोड़ रुपए तंबुओं पर खर्च किए गए। उन्होंने तंज कसते हुए कि हिमकेयर में भाजपा ने लोगों का नहीं, बल्कि अपना केयर किया।
मुख्यमंत्री सुक्खू चुराह के हालात देखें
विधायक हंसराज ने कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें कह रहे थे कि उन्हें टिकट नहीं मिलेगी, तो वह भी यह कहना चाहते हैं कि उनका भी किसी को नहीं पता था कि वह सीएम बनेंगे, यह सब समय का खेल है। स्वास्थ्य को लेकर उन्होंने कहा कि 239 पोस्टों में से 130 पोस्टें उनके विधानसभा क्षेत्र में डॉक्टरों की खाली है। नर्सों की भर्ती कब हो रही है, इसका पता ही नहीं होता। उन्होंने सीएम को चुराह विधानसभा क्षेत्र में आने का न्यौता दिया, ताकि वह वहां समस्याओं को देख सकें।
झूठी गारंटियों के कारण आया भाजपा में
विधानसभा में चल रही चर्चा में कांगड़ा से भाजपा विधायक पवन काजल ने कहा कि वह तो चुनाव पूर्व दी गई झूठी गारंटियों के कारण भाजपा में आए हैं। दिल्ली में जो बैठक हुई और मुझे वर्किंग प्रेसिडेंट बना दिया, उसके बाद ये गारंटियां दी गई। मैंने बघेल साहब से पूछा कि महिलाओं को 1500 रुपए और साल की एक लाख नौकरियां कहां से देंगेे, तो उन्होंने कहा कि 1500 के लिए फॉर्म भरे आएंगे, लेकिन मैंने अपने चुनाव क्षेत्र में फॉर्म नहीं भरवाए। मुझे पता था कि बाद में जब वोट मांगने जाएंगे, तो जवाब क्या देंगे?
धरातल पर दिखना चाहिए काम
भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने चर्चा में भाग लेते हुए कहा कि केवल योजनाओं की घोषणाओं से काम नहीं चलता, उन्हें धरातल पर भी उतारना जरूरी है। चार साल में सरकार ने क्या किया और अंतिम वर्ष में क्या करेगी, यह जनता देख रही है। उन्होंने कहा कि सरकारों में निरंतरता होनी चाहिए और पूर्व सरकारों की अच्छी योजनाओं को आगे बढ़ाना चाहिए। पूर्व भाजपा सरकार ने आयुष्मान की तर्ज पर हिमकेयर शुरू की थी, जबकि सहारा योजना लगभग बंद हो गई है। उन्होंने मंडी मेडिकल कॉलेज को रैफरल कॉलेज बनकर रहने का आरोप लगाया और कहा कि कई क्षेत्रों में डॉक्टरों की कमी है। जम्वाल ने रोहांडा, बहग, धार, जडोल और डैहर समेत अस्पतालों में चिकित्सकों की नियुक्ति की मांग उठाई।
स्वास्थ्य ढांचे के लिए 1710 करोड़
अर्की के विधायक संजय अवस्थी ने नियम-130 के तहत स्वास्थ्य विभाग पर चर्चा में कहा कि प्रदेश सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए 1710 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व में भाजपा सरकार के कार्यकाल में सिविल अस्पताल अर्की रैफरल अस्पताल बनकर रह गया था और कुनिहार व चंडी-बागा में भी डॉक्टरों की कमी थी, लेकिन अब हालात सुधरे हैं।
अस्पालों में डॉक्टर नहीं
विधायक रीना कश्यप ने कहा कि सरांहा हास्पिटलमें केवल 4 डॉक्टर है जबकि वहां 11 डॉक्टर की डिमांड हैं। पच्छाद और सराहां में डॉक्टर एक दूसरे अस्पतालों में डेपुटेशन पर जाते हैं , जिससे लोगों को दिक्कत होती है।
सरकार की उपलब्धियां
बैजनाथ से कांग्रेस विधायक किशोरी लाल ने सरकार की उपलब्धियां गिनाई। आदर्श स्वास्थ्य संस्थानों से मरीजों को मिल रहे लाभ गिनाए। हर विधानसभा क्षेत्र में आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खुलने से लाभ मिला है। कोविड में कभी घंटियां बजाईं, कभी थालियां बजवाई। उसकी जगह मरीजों को उपचार दिलाया होता, तो कई लोग न मरते। पूर्व सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र पर कोई ध्यान नहीं दिया।
सरकार ने बंद की भाजपा की योजनाएं
चौपाल से भाजपा विधायक बलवीर वर्मा ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व की सरकार द्वारा शुरू की योजनाओं को बंद किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पहली सरकार है जिसने स्वास्थ्य से संबंधित योजनाओं को बंद कर दिया। चाहे वह हिमकेयर हो सहारा या अन्य। सरकार ने आदर्श स्वास्थ्य संस्थान खोले हैं, पर डाक्टर हैं नहीं। चौपाल से भेदभाव किया जा रहा है। बलवीर वर्मा ने प्रदेश सरकार पर स्वास्थ्य सेवाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
टीएमसी को विकसित करना लक्ष्य
विधायक आरएस बाली ने डा. राजेंद्र प्रसाद राजकीय आयुर्विज्ञान महाविद्यालय टांडा की उपलब्धियों और भविष्य की योजनाओं को विधानसभा में रखते हुए कहा कि टांडा को उत्तर भारत के प्रमुख हैल्थकेयर एवं मेडिकल रिसर्च सेंटर रूप में विकसित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री की दूरदर्शी सोच और स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। बाली ने कहा कि टांडा में प्रतिवर्ष छह लाख से अधिक ओपीडी, 50 हजार से अधिक आईपीडी एडमिशन और 40 हजार से अधिक मेजर और माइनर सर्जरी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि इतने बड़े पेशेंट वाले संस्थान में चुनौतियां स्वाभाविक हैं, लेकिन प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लेकर निष्पक्ष जांच और आवश्यक सुधार सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
विपिन सिंह परमार ने कहा, वेरी गुड
चर्चा के दौरान विपक्ष के विधायक एवं पूर्व विधानसभा अध्यक्ष विपिन सिंह परमार ने आरएस बाली द्वारा प्रस्तुत सही तथ्यों और आंकड़ों की सराहना करते हुए उन्हें वेरी गुड कहा। आरएस बाली ने इसे सकारात्मक लोकतांत्रिक संवाद बताते हुए कहा कि जनहित के मुद्दों पर तथ्यात्मक चर्चा और सही आंकड़ों के आधार पर सरकार के प्रयासों का मूल्यांकन होना लोकतंत्र के लिए स्वस्थ परंपरा है।
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